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Sun: सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे, इस रहस्य से हैरत में वैज्ञानिक, धरती को लेकर डरावनी चेतावनी

Sun, 04 Dec 2022 09:47 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : NOAA
Sun: सूरज के रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। बीते कई दिनों से सूरज के अंदर विशालकाय काले गड्ढों का निर्माण हो रहा है। यह इतने विशालकाय हैं कि इनमें कई धरती समा सकती है। इन गड्ढों से तेज गति से गर्म सौर लहर बाहर आ रही है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में बने गड्ढों को देखा है जिससे धरती को नुकसान हो सकता है। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गड्ढे कोरोनल होल हैं जो सूरज के बीच में बने हैं। सूरज के ऊपरी वायुमंडल के इलेक्ट्रिफाइड गैसों यानी प्लाज्मा के तापमान में गिरावट होने के बाद इन गड्ढों का निर्माण होता है। यह गड्ढे दूसरी जगहों से घने होते हैं जिसकी वजह से काले रंग के नजर आते हैं। दूर से देखने पर प्रतीत होता है कि सूरज में गड्ढा हो गया है। आइए जानते हैं सूरज में हो रहे विशालकाय गड्ढों के बारे में...
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
सूरज में इन गड्ढों के किनारे चुबंकीय रेखाएं मजबूत हो जाती हैं और गड्ढों में मौजूद सौर पदार्थों को बाहर खींचती हैं। 2.90 करोड़ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से  सौर तूफान निकल रहा है। इस सौर लहर में तेजी से इलेक्ट्रॉन्स, प्रोटोन्स और अल्फा पार्टिकल्स बाहर निकलते हैं जिन्हें धरती की चुंबकीय शक्ति सोखती है। 
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
इस दौरान सूरज की लहर और धरती के चुंबकीय क्षेत्र में एक युद्ध शुरू हो जाता है जिसे जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म कहा जाता है। धरती के दोनों ध्रुवों पर वायुमंडल पतले हैं। जहां से सौर लहरें वायुमंडल के अंदर पहुच जाती हैं। इसकी वजह से वहां रंग-बिरंगी रोशनी दिखती है जिसा नॉर्दन लाइट्स कहा जाता है।

 

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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
 इन गड्ढों के कारण सौर तूफान धरती की तरफ आ रहा है जो जी-1 जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म है। हालांकि इससे धरती को अधिक खतरा नहीं है। लेकिन बिजली के ग्रिड और कुछ सैटेलाइट्स पर इसका असर हो सकता है। अमेरिका के मिशिगन और यूरोप के मायन के ऊपर नॉर्दन लाइट्स का निर्माण हो सकता है। 
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
भारत में छठ पर्व के दौरान सूरज में पहला गड्ढा बना था जिसके बाद सूरज की मुस्कुराती तस्वीर जारी हुई थी। दरअसल इन गड्ढों का निर्माण तभी से शुरू हुआ है जिसके बाद से लगातार पांच बार ऐसे गड्ढे बन चुके हैं। 
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
जब सूरज से निकलने वाले तूफान तीव्र होते हैं, तो उन्हें धरती पर आने करीब 15 से 18 घंट लगते हैं। कमजोर सौर तूफान को धरती पर पहुंचने में 24 से 30 घंटे लगते हैं। इस समय सूरज का 11 साल का साइकिल चल रहा है। साल 2019 दिसंबर में यह शुरू हुआ था। अब सूरज जग गया है जो पहले शांत था। 
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सूरज पर हो रहे विशालकाय गड्ढे - फोटो : iStock
अब वैज्ञानिकों का मानना है कि सूरज की सबसे अधिक गतिविधियां साल 2025 में शुरू होंगी। साल 1895 में दुनिया का सबसे बड़ा सौर तूफान आया था जिससे 1000 करोड़ एटम बम जितनी उर्जा निकली थी। 
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