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आखिर पानी से क्यों नहीं चलती है गाड़ी, जानिए पेट्रोल या डीजल क्यों है जरूरी?

Tue, 29 Sep 2020 08:00 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
हमारे दिमाग में अक्सर यह सवाल आता है कि किसी भी वाहन को चलाने के लिए पेट्रोल या डीजल की जरूरत क्यों होती है? क्या हम पानी के इस्तेमाल से वाहनों को नहीं चला सकते हैं? किसी भी वाहन को चलाने के लिए निश्चित तौर पर ऊर्जा की आवश्यकता होती है, तो क्या हमें पानी से यह ऊर्जा नहीं मिल सकती है। लेकिन आजतक ऐसा कोई वाहन नहीं बन पाया है, जो पानी से चल सके। आइए जानते हैं कि ऐसी क्या वजह है, जिसके कारण पानी से चलने वाली गाड़ियां सफल नहीं हो पाईं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
पेट्रोल और डीजल दोनों पेट्रोलियम पदार्थ हैं, जिसे जीवाश्म ईंधन भी कहा जाता है। पेट्रोलियम ईंधन का निर्माण हाइड्रोकार्बन से होता है। हाइड्रोकार्बन अणुओं में अधिकतर कार्बन और हाइड्रोजन परमाणु होते हैं। इसके साथ ही पेट्रोलियम ईंधन में कुछ अन्य तत्व जैसे ऑक्सीजन भी मौजूद रहते हैं। पेट्रोल या डीजल ही नहीं लकड़ी, कोयला, कागज समेत ऐसे कई पदार्थ हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन होते हैं और इनको भी जलाकर ऊर्जा में बदला जाता है।
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कार का इंजन - फोटो : सोशल मीडिया
हजारों-लाखों साल पहले से ही हाइड्रोकार्बन के उपयोग से ऊर्जा तैयार हो रही है। इंसान जब से आग का इस्तेमााल करना सीखा है, उसी समय से हाइड्रोकार्बन के उपयोग से ऊर्जा पैदा किया जा रहा है। हालांकि, गाड़ियों को चलाने के लिए यह ऊर्जा गर्मी के रूप में नहीं बल्कि ऐसे रूप में चाहिए होता है, जिससे यंत्रों को चलाया जा सके। गाड़ियों में पेट्रोलियम ईंधन की ज्वलन प्रक्रिया बन्द कनस्तर यानी इंजन में होती है और इंजन अपना काम इस तरह करते हैं कि अधिक से अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
क्या पानी को ईंधन की तरह नहीं जलाया जा सकता?
दरअसल, पानी की कोई रासायनिक प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में इसे ईंधन की तरह नहीं जलाया जा सकता है। हालांकि, पानी जब गर्म भाप में बदलता है तो जरूर ऊर्जा पैदा करता है लेकिन पानी को गर्म करने के लिए भी कोयले या दूसरे ईंधन की जरूरत होती है। लिहाजा इस तरह की प्रक्रिया छोटे वाहनों और कारों में उपयोगी नहीं हो सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि कई कंपनियों ने इस बात का दावा किया कि उन्होंने पानी से चलने वाली गाड़ी तैयार कर ली है। लेकिन सभी के दावे एकदम फुस्स हो गए। साल 2002 में जेनेसिस वर्ल्ड एनर्जी ने घोषणा की थी कि उसने एक ऐसी गाड़ी तैयार की है जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करके और फिर उसे पानी के रूप में पुनर्संयोजित करके ऊर्जा प्राप्त करेगी। इसके लिए कंपनी ने निवेशकों से 25 लाख डॉलर भी लिए लेकिन वे आज तक ऐसी कोई गाड़ी बाजार में नहीं उतार सके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वहीं साल 2008 में एक जापानी कम्पनी जेनपेक्स ने दावा किया कि उनकी गाड़ी केवल पानी और हवा पर चलने में सक्षम है। लेकिन जांच-पड़ताल के दौरान इस कंपनी का दावा भी फुस्स हो गया।
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