फर्नांडो डी नोरोन्हा द्वीप
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यहां की जेल 1957 में बंद कर दी गई, लेकिन कुछ पूर्व कैदी यहां से कभी वापस नहीं गए। उन्होंने इस द्वीप को ही घर बना लिया जहां आज भी उनके वंशज रहते हैं। फर्नांडो डी नोरोन्हा आने वाले मेहमान आज भी उस कैदखाने के खंडहरों को देख सकते हैं, जिन पर अब हरी बेलों ने कब्जा जमा लिया है।