वैज्ञानिकों ने ब्लैक होले के बारे में दुनिया को बड़ा जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया है कि ब्लैक होल सोना भी बना सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई भारी धातुओं को बनाने के लिए उन परिस्थितियों की आवश्यकता होती है जिनका पृथ्वी पर होना असंभव है। वैज्ञानिकों के नई रिसर्च के मुताबिक, ऐसे तत्व नवजात सक्रिय ब्लैक होल के ठीक बाहर के छल्ले भी बना सकते हैं। यह उस वक्त हो सकता है कि जब वह धूल और गैस को अपनी ओर खींच रहा हो।
इस चरम में वातारवण में भी उत्सर्जन प्रोटोन को न्यूट्रॉन में बदलने का मौका मिलता है जिसकी वजह से न्यूट्रॉन की संख्या बढ़ती है और तत्वों और धातु बनते हैं। जीएसआई हेमलोल्ट्ज सेंटर के खगोलभौतिकविद ने इस बारे में बताया है। उनकी टीम ने इसका अध्यन कैसे किया यह भी जानकारी दी है। जब बिंग बैंग की घटना हुई थी, तो उस समय ब्रह्माण्ड में कई सारे तत्व नहीं थे।
जब तारों का निर्माण हो गया तब उनकी क्रोड़ में परमाणु केंद्रकों का आपस में टकराव होने लगा। इससे पहले ब्रह्मांड में सिर्फ हाइड्रोजन और हीलियम ही थे। तारों के नाभिकीय संलयन की वजह से अतंरिक्ष में भारी तत्वों के निर्माण की शुरुआत हुई। तारों के मरने के बाद ये तत्व अंतरिक्ष में फैले।