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Axiom Mission 4: क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Thu, 26 Jun 2025 04:07 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Axiom Mission 4: शुभांशु शुक्ला अपने साथ टार्डिग्रेड नामक जीव को अंतरिक्ष में लेकर गए हैं। इस जीव को वॉटर बियर या मॉस पिगलेट भी कहा जाता है। यह एक सूक्ष्म जीव है जो आकार में बेहद छोटा होता है।
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क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान - फोटो : PTI
Axiom Mission 4: भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंच गए हैं। कई बाधाओं के बाद एलन मस्क के स्पेसएक्स प्रक्षेपण यान ने फाल्कन-9 रॉकेट के ऊपर क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान के साथ फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से मंगलवार दोपहर 12:01 बजे (आईएसटी) उड़ान भरी थी। एक्सिओम-4 मिशन और शुभांशु शुक्ला के 7 भारतीय प्रयोग भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक बड़ा कदम हैं। मिशन की सबसे खास बात यह है कि शुभांशु अपने साथ एक छोटा-सा जीव भी अंतरिक्ष में लेकर गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला अपने साथ टार्डिग्रेड नामक जीव को अंतरिक्ष में लेकर गए हैं। इस जीव को वॉटर बियर या मॉस पिगलेट भी कहा जाता है। यह एक सूक्ष्म जीव है जो आकार में बेहद छोटा होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है जीव धरती पर सबसे कठोर परिस्थितियों में भी जीवित रह सकता है। यह 200°C की ठंड और  150°C की गर्मी भी झेल सकता है। 
 
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क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? - फोटो : Adobe Stock
टार्डिग्रेड बाकी जीवों की तुलना में सैकड़ों गुना ज्यादा रेडिएशन भी बर्दाश्त सकता है, और अंतरिक्ष में यह 30 साल से अधिक समय तक बिना कुछ खाए-पिए रह सकता है। यह जीव समुद्र में पाए जाते हैं। 1773 में योहन गेट्जा नामक जीव वैज्ञानिक ने इसकी खोज की थी। 
 
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क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? - फोटो : Adobe Stock
शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम इस जीव को अंतरिक्ष में लेकर रही है। इसका मकसद यह अध्ययन करना है कि यह जीव कैसे अंतरिक्ष की शून्यता, गुरुत्व हीनता और रेडिएशन जैसी खतरनाक परिस्थितियों में सर्वाइव कर सकते हैं।

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क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? - फोटो : Adobe Stock
शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर टार्डिग्रेड जैसे जीव इतने कठिन माहौल में भी जीवित रह सकते हैं, तो उनसे जुड़े जीववैज्ञानिक गुण और डीएनए मरम्मत तंत्र मानव जीवन को भी अंतरिक्ष में अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। 

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क्यों अंतरिक्ष में इस जीव को अपने साथ ले गए हैं शुभांशु? - फोटो : Adobe Stock
शुभांशु का यह प्रयोग भविष्य में मानव जीवन को अंतरिक्ष में टिकाऊ बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। एक्सिओम-4 मिशन एक कमर्शियल मिशन है। इसमें शुभांशु और उनके 3 साथी निजी अंतरिक्ष याक्षी के रूप में अंतरिक्ष स्टेशन गए हैं। मिशन के तहत 14 दिन में चारों अंतरिक्ष यात्री कई प्रयोग करेंगे। 
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