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अजब गजब: 6 अंकों का होता था एटीएम पिन, जानिए अब क्यों रह गया 4 अंकों का

Mon, 21 Feb 2022 12:02 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एटीएम पिन 4 अंकों के क्यों होते हैं - फोटो : Pixabay
जिस तरह से तकनीक का विकास हुआ है उसी तरह लोगों के जीवन में सुविधाएं भी उपलब्ध हुई हैं। आज मुश्किल से मुश्किल काम भी अत्याधुनिक उपकरणों के कारण चुटकी बजाते हुए बड़े आराम से हो जाते हैं। इसका असर हमारे बैंकिंग सिस्टम पर भी हुआ है। एक समय था जब पैसे जमा करने और निकालने के लिए बैंक में घंटों लंबी लाइन लगानी पड़ती थी। धीरे-धीरे समय बदला और बैंकों ने अपने एटीएम लगाने शुरू कर दिए जिससे खाताधारकों को पैसे निकालने के लिए बैंक न आना पड़े। एटीएम बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बैंक अपने खाताधारकों को एक कार्ड देता है जिसे ग्राहक उस बैंक की एटीएम मशीन में लगाकर और पिन कोड डालकर अपने पैसे निकाल सकते हैं। हालांकि, आजकल तो एक कार्ड से आप किसी भी बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। इसी कड़ी में आज हम एटीएम के पिन से जुड़ी दिलचस्प जानकारी आपसे साझा करने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि एटीएम पिन क्यों 4 अंक के ही होते हैं.......
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एटीएम पिन 4 अंकों के क्यों होते हैं - फोटो : Pixabay
दुनिया में एटीएम मशीन की खोज करने वाले स्कॉटलैंड के वैज्ञानिक जॉन एड्रियन शेफर्ड बैरन थे। जॉन ने एटीएम मशीन का अविष्कार साल 1969 में किया था। हालांकि, आज जमाना डिजिटल पेमेंट और मोबाइल बैंकिंग का हो चुका है, लेकिन एटीएम मशीनों की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है। जॉन से जुड़ी एक बेहद ही हैरान करने वाली बात है कि इनका जन्म भारत के शिलॉन्ग शहर में हुआ था। 
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एटीएम पिन 4 अंकों के क्यों होते हैं - फोटो : Pixabay
अब बात करते हैं कि आखिर एटीएम का पिन कोड 4 ही अंकों का क्यों रखा गया। दरअसल, जॉन जब एटीएम मशीन बनाकर इसमें कोडिंग सिस्टम लगा रहे थे, तो जॉन शुरू में इसे 6 अंकों का करना चाहते थे। ऐसे में जब उन्होंने अपनी पत्नी कैरोलिन को एटीएम प्रयोग करने के लिए दिया तो कैरोलिन बार-बार 2 अंक भूल जाती थीं और उन्हें हमेशा 4 अंक ही याद रह जाते थे। ऐसे में जॉन ने अनुमान लगाया कि औसतन इंसानों का दिमाग 6 अंक की बजाय 4 अंक ही याद रख पाता है। 

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एटीएम पिन 4 अंकों के क्यों होते हैं - फोटो : Pixabay
इसके बाद जॉन ने एटीएम पिन 6 अंकों की बजाय 4 अंकों का ही कर दिया। हालांकि, 6 अंकों का पिन रखने के पीछे जॉन का मकसद एटीएम का सुरक्षित होना था। 4 अंकों के एटीएम पिन 0000 से 9999 के बीच होते हैं जिससे अलग-अलग 10000 पिन नंबर बनाए जा सकते हैं। 
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एटीएम पिन 4 अंकों के क्यों होते हैं - फोटो : Pixabay
इनमें 20 फीसदी नंबर बड़ी आसानी से हैक किए जा सकते हैं। हालांकि, 4 अंकों के पिन भी ज्यादा सुरक्षित होते हैं, लेकिन 6 अंकों के पिन से कम सुरक्षित होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के कई देशों में आज भी 6 अंकों के एटीएम पिन का उपयोग किया जाता है।
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