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एक गिलहरी, जिसने 8 साल तक एक फैमिली से मिलने के लिए की तपस्या, मां की ममता से जुड़ा था नाता

Mon, 30 Jul 2018 06:18 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Squirrel with the family
एक गिलहरी रोजाना एक फैमिली से मिलने आठ साल तक आती रही। इसके पीछे की कहानी अगर आप जान लेंगे तो आपका दिल भी पिघल जाएगा। दरअसल, अमेरिका के कोरोलिना शहर में रहने वाले ब्रेंटली हैरिसन और उनकी फैमिली ने एक बेबी गिलहरी की उस वक्त मदद की थी, जब उस पर एक उल्लू ने हमला किया था और वो घायल हालत में उनके घर के बाहर छुपी हुई थी।
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Squirrel
ये घटना 2009 की थी। उस वक्त बेबी गिलहरी की उम्र मुश्किल से सिर्फ 4 हफ्ते रही होगी। हैरिसन फैमिली ने उस वक्त न सिर्फ उसकी जान बचाई थी बल्कि उसे बचाते हुए उसका इलाज भी कराया था। हालांकि उस वक्त उन्हें पता नहीं था कि इस मदद के जरिए वो उसके साथ जिंदगी भर का रिश्ता जोड़ लेंगे। 
 
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Squirrel
जी हां हैरिसन फैमिली ने उस नन्ही गिलहरी को तब तक अपने साथ रखा जब तक कि वह पूरी तरह से सही नहीं हो गई। उन्होंने उसके खाने पीने का भी पूरा ध्यान रखा। यहां तक कि उन्होंने उसका नाम रखते हुए, उसे 'बेल्ला' कहना शुरू कर दिया। साल 2010 की गर्मियों तक बेल्ला पूरी तरह ठीक हो गई, इसके बाद में फैमिली ने उसे घर के पास ही मौजूद जंगलों में छोड़ दिया। उन्हें लगा था कि अब बेल्ला से शायद दोबारा कभी मुलाकात नहीं होगी। लेकिन इसके बाद जो हुआ वो परिवार के लिए शॉकिंग था...
 

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Squirrel
वह नन्ही गिलहरी परिवार के इतने करीब आ चुकी थी कि वो जंगल में छोड़े जाने के बाद भी वो उनसे रोजाना मिलने के लिए आने लगी। बेल्ला रोज उनके घर में आती और तब तक खिड़की पर बैठी रहती, जब तक कि कोई उसे नोटिस ना कर ले। ये सिलसिला अगले 8 सालों तक चलता रहा। उस फैमिली के लिए अपनापन देखने से ऐसा लगने लगा जैसे वो गिलहरी उन लोगों को अपना परिवार ही मानती है। यहां तक कि जब वो लोग गार्डन में बैठते थे तो ये भी वहां पहुंचकर उनके साथ खेलने लग जाती थी। वे उसे उसके फेवरेट सामान खाने के लिए देते थे।
 
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Squirrel
एक दिन जब बेल्ला उन लोगों के घर पहुंची तो उन्होंने देखा कि उसके पैर में चोट लगी थी। जिसके बाद उस फैमिली ने एकबार फिर उसे तब तक अपने साथ रखने का फैसला कर लिया, जब तक कि वो ठीक नहीं हो जाती। वो फैमिली फिर उसकी केयर करने लगी। इलाज शुरू होने के कुछ दिन बाद जब एक दिन उस फैमिली ने गिलहरी का हाल जानने के लिए उसके पिंजरे में देखा तो वो हैरान रह गए। पिंजरे के अंदर बेला के साथ तीन छोटी-छोटी गिलहरियां भी मौजूद थीं। बेला ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी और अहम पलों को भी उन्हीं लोगों के साथ शेयर किया। और इस तरह से बेल्ला ने भी अपने परिवार बना लिया। 
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