धरती पर एलियन को लेकर समय-समय पर खुलासे होते रहते हैं। अब इस बीच वैज्ञानिकों ने एलियन को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एलियन जीव 2022 में धरती पर हमला करेंगे। साल 2022 को लेकर पहले ही कई डरावनी भविष्यनवाणी हो चुकी हैं। अब वैज्ञानिकों की इस चेतावनी ने दुनिया की चिंता और बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि धरती पर एलियन के घुसपैठ के लिए इंसान जिम्मेदार होंगे।
वैज्ञानिकों ने BioScience जर्नल के एक रिपोर्ट में यह दावा किया है जो हाल ही में प्रकाशित हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इंसान की अतंरिक्ष यात्राएं और रहस्यों की खोज जितनी बढ़ेंगी उतने ज्यादा ही एलियन जीव अंतरिक्षयानों के साथ धरती पर आएंगे। उनका कहना है कि हो सकता है कि इंसान इन एलियन जीव को आखों से न देख पाएं, लेकिन धरती के वायुमंडल में पहुंचने पर घुसपैठ करते हैं जो एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
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धरती पर आएंगे एलियन
- फोटो : Pixabay
इस रिपोर्ट के मुताबिक, मैकगिल विश्वविद्यालय में इन्वेशन बायोलॉजी के प्रोफेसर एंथनी रिकियार्डी का कहना है कि अंतरिक्ष में इसांन जितनी बार जाएंगे और रहस्यों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे उतना ही एलियन जीवों के धरती पर आने का खतरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान के साथ धरती पर आने वाले एलियन बहुत छोटे जीव होंगे। सबसे बड़ा खतरा यह है कि एलियन जीव धरती के पर्यावरण के अनुरूप अपने आप को ढाल सकते हैं जो यहां के जीवों के लिए खतरा साबित होगा।
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धरती पर आएंगे एलियन
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मैकगिल विश्वविद्यालय में इन्वेशन बायोलॉजी के प्रोफेसर ने कहा कि उसी तरह धरती के जीव-जंतु अंतरिक्ष में जाकर किसी ग्रह पर अपना घर बना सकते हैं जिसकी वजह से जीव-जंतुओं के प्रदूषण में बढ़ोत्तरी होगी। एंथनी और उनके साथियों का कहना कि सभी को एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल लाइफ पर मिलकर काम करना चाहिए जिससे ऐसी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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धरती पर आएंगे एलियन
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वैज्ञानिकों ने साथ ही यह भी कहा कि इसकी संभावना कम ही है, लेकिन अंतरिक्ष में इंसानी गतिविधयां बढ़ने से समस्या बढ़ेगी जिसको रोक पाना कठिन होगा। अगर वैज्ञानिक इसकी जांच करें, तो कुछ एलियन जीव चिपके मिल सकते हैं।
इस रिपोर्ट में एंथनी की तरफ से कहा गया है कि नासा (NASA) जैसी अंतरिक्ष एंजेसियों को जैविक प्रदूषण के खतरे के बारे में पूरी जानकारी है। लेकिन अंतरिक्ष में जिस तरह इंसानों की गतिविधियां बढ़ रही हैं उससे खतरा बढ़ रहा है।