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Mummy: भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून, जानिए क्या है रहस्य

Sat, 31 May 2025 06:53 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Mummy: मिस्र की ममी के बारे में आपने कई कहानियां पढ़ी और सुनी होंगी। लेकिन क्या आप हिमाचल प्रदेश में रखी ममी के बारे में जानते हैं? प्रदेश के गयू गांव में एक 550 साल से ज्यादा पुरानी ममी रखी गई है।
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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
Mummy: मिस्र की ममी के बारे में आपने कई कहानियां पढ़ी और सुनी होंगी। लेकिन क्या आप हिमाचल प्रदेश में रखी ममी के बारे में जानते हैं? प्रदेश के गयू गांव में एक 550 साल से ज्यादा पुरानी ममी रखी गई है। यह गांव स्पीति घाटी के ठंडे रेगिस्तान में समुद्र तल से करीब 10,499 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। भारत चीन सीमा के पास मौजूद यह गांव अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है, लेकिन इस गांव में 550 साल से ज्यादा पुरानी ममी को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। 

लाहौल स्पीति घाटी की ऐतिहासिक ताबो मठ(Tabo Monastery) से करीब 50 किमी दूर भारत-चीन सीमा पर स्थित गयू गांव साल में 6-8 महीने बर्फ से ढके रहने की वजह से दुनिया से कटा रहता है। लेकिन इस ममी को देखने के लिए यहां देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। यहां के लोगों की इस ममी के प्रति अगाध श्रद्धा है।
 
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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
करीब 550 साल से ज्यादा पुरानी इस 'ममी' को भगवान समझकर लोग पूजते हैं। लोग इसे जिंदा भगवान मानते हैं। भारत तिब्बत सीमा पर हिमाचल के लाहौल स्पीति के गयू गांव में मिली इस 'ममी' का रहस्य आज भी बरकरार है। तभी तो हर साल हजारों लोग इसे देखने के लिए देश विदेश से यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां मिली यह ममी तिब्बत से गयू गांव में आकर तपस्या करने वाले लामा सांगला तेनजिंग की है।
 
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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
लामा ने साधना में लीन होते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे। तेनजिंग बैठी हुई अवस्था में थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 45 साल थी। दुनिया में यह एकमात्र ममी है जो बैठी हुई अवस्था में है। इस ममी की वैज्ञानिक जांच में इसकी उम्र 550 साल पायी गयी है। ममी बनाने में एक खास किस्म का लेप मृत शरीर पर लगाया जाता है, लेकिन इस ममी पर किसी किस्म का लेप नहीं लगाया है। लेकिन इसके बाद भी इतने वर्षों से यह ममी कैसे सुरक्षित है? यह राज अभी भी बरकरार है।

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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लोग बताते हैं कि इस ममी के बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं। यह बात जानकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन इस बात को स्थानीय लोग बिल्कुल सच बताते हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को सड़क निर्माण कार्य के दौरान यह ममी मिली थी।  

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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
1975 में यहां आए भूकम्प में यह ममी जमीन में दफन हो गयी थी। 1995 में आईटीबीपी के जवानों को सड़क बनाते समय खुदाई में यह ममी फिर मिल गई। कहा जाता है कि खुदाई के समय इस ममी के सिर पर कुदाल लगने से खून तक निकल आया था, जो कि सामान्य तौर पर संभव नहीं है।

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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
ममी पर इस ताजा निशान को आज भी देखा जा सकता है। 2009 तक यह ममी ITBP के कैम्पस में रखी हुई थी। देखने वालों की भीड़ देखकर बाद में इस ममी को गांव में स्थापित कर दिया गया। गयू गांव पहुंचने के लिए आप शिमला और मनाली दोनों जगहों से जा सकते हैं।

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भारत में यहां पर है 500 साल से ज्यादा पुरानी ममी, बढ़ रहे हैं बाल और नाखून (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
पेनसेल्वेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता विक्टर मैर के मुताबिक, गयू में स्थापित ममी लगभग 550 साल पुरानी है। सैंकड़ों वर्ष पहले बौद्ध भिक्षुओं का व्यापार के सिलसिले में भारत और तिब्बत के मध्य आना जाना था। उस समय एक बौद्ध भिक्षु सांगला तेनजिंग यहां मेडिटेशन की मुद्रा में बैठे और फिर उठे ही नहीं। उस समय ही इनके शरीर को एक स्तूप में संभाल कर रख लिया गया था।
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