बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव
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कई ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने उजियारपुर विधायक और पूर्व राजस्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के कई ठिकानों पर छापामारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई किसानों के 100 करोड़ रुपये के गबन के आरोपों के सिलसिले में हो रही है। ईडी के अधिकारियों ने विभिन्न बैंकों और अन्य ठिकानों पर दस्तावेज खंगालने के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की। छापामारी की खबर मिलते ही बैंकों के बाहर ग्राहकों की भारी भीड़ जुट गई। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा बैंक के कागजात और अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच चल रही है।
ग्रामीणों और बैंक ग्राहकों में दहशत
ईडी की रेड की खबर सुनते ही स्थानीय निवासियों और बैंक ग्राहकों में अफरातफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग बैंक के पास जमा हो गए, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यह मामला और बड़ा हो सकता है।
100 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
आलोक मेहता पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में किसानों की योजनाओं के तहत आवंटित 100 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस संबंध में पहले से ही कई शिकायतें दर्ज थीं, जिनके आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं पर केंद्र सरकार की बढ़ती सख्ती को दर्शाती है। इससे पहले भी लालू परिवार और उनके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं।
ईडी की कार्रवाई पर राजनीति गरमायी
ईडी की कार्रवाई को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सत्तारूढ़ गठबंधन इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सही कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे सकता है।