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Bihar Flood: गंडक नदी की बाढ़ ने गोपालगंज के आधा दर्जन प्रखंडों में मचाई तबाही, देखें भयावह मंजर

Mon, 15 Jul 2024 04:28 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Bihar Flood: गंडक नदी की बाढ़ ने गोपालगंज के आधा दर्जन प्रखंडों में मचाई तबाही, देखें भयावह मंजर
Bihar Flood: Flood of Gandak river wreaked havoc in half a dozen blocks of Gopalganj
 
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बाढ़ के पानी में कई गांवों के फूस के घर डूबे - फोटो : अमर उजाला
नेपाल में हुई लगातार बारिश से गोपालगंज से होकर गुजरने वाली गंडक नदी उफान पर है। गोपालगंज के आधा दर्जन प्रखंडों में बाढ़ के हालात बने हैं। गंडक नदी के रौद्र रूप से निचले इलाके में बसे 40 गांव और मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। आबादी वाले गांव में खेत-खलिहान, सड़क सब डूब चुकी हैं। चारों तरफ बाढ़ का पानी फैल चुका है। सड़कों पर दो से तीन फुट पानी बह रहा है। दर्जनों गांव का मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है।
 
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नाव के सहारे गांव से बाहर जाने की तैयारी करते बाढ़ पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, रविवार को गंडक नदी खतरे के निशान से 1.44 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सदर प्रखंड के राजवाही गांव में हालात बेहद खराब हैं। यहां गंडक नदी से आई बाढ़ में फूसनुमा घर डूब गए। रामनगर गांव में भी हालात बेहद खराब हैं। यहां प्लस टू विद्यालय, मिडिल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का आधा हिस्सा बाढ़ के पानी में डूब चुका है। जान जोखिम में डालकर लोग सड़क पार करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि सरकार और प्रशासन की ओर से नाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
 
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नाव से गांव के बाहर जाते बाढ़ पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
जगिरी टोला पंचायत में बाढ़ के हालात से बेजुबान पशु भी परेशान हैं। पानी में दिन-रात रहने के लिए मजबूर हैं। इलाके में सबसे ज्यादा परेशानी पीने के लिए पानी को लेकर है। चापाकल पहले ही डूब चुके हैं। पंचायत स्तर पर लगाई गई पानी टंकी से आपूर्ति भी बंद हो चुकी है। इलाके में एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी गई है। आने-जाने के लिए नाव एकमात्र सहारा है, लेकिन सरकारी स्तर पर नाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
 

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नाव से गांव के बाहर जाते बाढ़ पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
मुंगरहा के बाढ़ पीड़ित आरती देवी, पवन यादव तथा उप सरपंच टुनटुन का कहना है कि एक नाव जादोपुर थाना स्तर पर मिली है, जिसे थाने में जमा करने के लिए कर्मचारी दबाव बना रहे हैं। बाढ़ग्रस्त इलाके में डीएम या बीडीओ-सीओ तक हालात का जायजा लेने नहीं पहुंच रहे हैं। इससे बाढ़ पीड़ितों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है और छह प्रखंडों के निचले इलाके में बसे गांवों में तबाही मचाती है। आज कोई नई बाढ़ नहीं आई है। सरकार और प्रशासन के स्तर पर बाढ़ से स्थायी निदान के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाता है।
 
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बाढ़ के पानी में स्कूल और कॉलेज भी डूबे - फोटो : अमर उजाला
इधर, मांझा प्रखंड में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर प्रखंड के दियारा इलाके के निचले इलाकों में बसे लोगों के घरों में नदी का पानी प्रवेश करने लगा है। घरों और गांवों में पानी प्रवेश करने से लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। नाव के सहारे लोग गांव से बाहर निकल रहे हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से करीब सवा दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज लेवल बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। इसके कारण सोमवार को प्रखंड के गौसिया पंचायत के बेसिक स्कूल, गौसिया उप स्वास्थ्य केंद्र, निमुईया पंचायत के माघी मुंगराहा, केरवनिया टोला, विशुनपुर, महंत रावत के टोला, गौसिया पंचायत के वृटिटोला, बलुआ टोला और पुरैना पंचायत के इसा पुर आदि गांव के लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। सड़क, खेत में लगी फसल सब पानी में डूब गए हैं।
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