बिहार के पूर्णिया जिले में किसानों और स्थानीय निवासियों ने अपनी जरूरतों को देखते हुए खुद के खर्चे पर एक पुल का निर्माण कर डाला। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-4 में कारी कोशी नदी पर इस पुल को बनाने के लिए ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया और अपने संसाधनों से इसे पूरा किया। लेकिन जब निगम प्रशासन पुल को तोड़ने पहुंचा, तो किसानों ने विरोध करते हुए बुलडोजर के आगे लेटकर अपनी मजबूती का प्रदर्शन किया।
खेती के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करते थे किसान
जानकारी के मुताबिक, रहमतनगर वार्ड-4 से होकर बहने वाली कारी कोशी नदी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। नदी के एक ओर बसे किसान अपनी 200 बीघा कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए हर रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर थे। क्षेत्र के किसान बिरेन महलदार, मंटू कुमार, अनिल महलदार, बिजली देवी, उपेन्द्र महलदार और पारो देवी का कहना है कि वे इस समस्या से लंबे समय से जूझ रहे थे। उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और अधिकारियों से पुल निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल झूठे आश्वासन ही मिले। चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता पुल बनाने का वादा कर जाते, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कोई वापस नहीं आता। इसलिए आखिरकार 100 से अधिक किसानों ने चंदा इकट्ठा कर खुद पुल बनाने का निर्णय लिया।