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LS Polls 2024: सासाराम लोकसभा के लिए मतदान जारी, कांग्रेस-BJP के दावों के बीच इन मुद्दों पर वोट डाल रहे मतदाता

Sat, 01 Jun 2024 11:50 AM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम

सार

LS Polls 2024: सासाराम लोकसभा के लिए मतदान जारी, कांग्रेस-BJP के दावों के बीच इन मुद्दों पर वोट डाल रहे मतदाता
LS Polls: Voting continues in Sasaram Lok Sabha since morning; Know how strong is BJP in Congress stronghold
 
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मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुंच रहे मतदाता - फोटो : अमर उजाला
बिहार के सासाराम संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के तहत एक जून की सुबह से ही मतदान को हो रहा है। कैमूर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र और रोहतास जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र को मिलाकर सासाराम लोकसभा क्षेत्र का गठन हुआ है। रोहतास जिले के सासाराम, चेनारी तथा करगहर और कैमूर जिले के भभुआ, मोहनिया तथा चैनपुर को मिलाकर सासाराम लोकसभा क्षेत्र बना है।
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सासाराम लोकसभा - फोटो : अमर उजाला
एक समय यह इलाका कांग्रेस का गढ़ था। बाबू जगजीवन राम जो देश के उप प्रधानमंत्री बने थे, सासाराम लोकसभा क्षेत्र से आठ बार चुनाव जीत कर संसद पहुंचे थे। उसके बाद चार बार भाजपा के छेदी पासवान यहां सांसद रहे। वहीं, दो बार बाबू जगजीवन राम की बेटी मीरा कुमार सांसद रही हैं। वे लोकसभा की स्पीकर भी बनीं थी। आईएएस अधिकारी मुनिलाल भी यहां के सांसद रह चुके हैं।
 
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मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुंच रहे मतदाता - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, इस बार भाजपा ने छेदी पासवान का टिकट काट दिया। बीजेपी ने इस बार पूर्व मंत्री मुनिलाल के बेटे शिवेश राम को मैदान में उतारा है। वहीं, दूसरी ओर लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार द्वारा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिए जाने के बाद कांग्रेस ने कैमूर जिले के कुदरा निवासी मनोज कुमार को टिकट दिया है। मनोज कुमार ने पिछला लोकसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी की टिकट से सासाराम सुरक्षित क्षेत्र से लड़ा था। लेकिन इस बार कांग्रेस पार्टी से मैदान में हैं। यह इलाका दलित बाहुल्य है, मुसलमान और अगड़ी जातियों की संख्या अच्छी खासी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने रविदास जाति के उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
 
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सासाराम लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
प्रत्येक बार यहां चुनाव में स्थानीय मुद्दा हावी रहता है। नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से लेकर असंचित क्षेत्र में खेती के लिए बिजली की आपूर्ति भी यहां एक समस्या है। यह इलाका धान का कटोरा कहा जाता है। ऐसे में अच्छी पैदावार होने के बावजूद किसानों की स्थिति ठीक नहीं रहती है। लोकसभा क्षेत्र का दक्षिण इलाका पर्वतीय है। जहां जनजाति समुदाय के लोग रहते हैं। उनका जीवन स्तर काफी निम्न है। पेय जल से लेकर शिक्षा तक की समस्याएं हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों का संपर्क भी कम है। साथ ही व्यवस्थित कल कारखानों का भी अभाव है, ऐसे में रोजगार के लिए पलायन भी होता है।
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