दारोगा ददन प्रसाद सिंह को अंतिम सलामी देते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इधर, पति की मौत के बाद मृतक दारोगा ददन प्रसाद सिंह की पत्नी कल्याणी देवी चीत्कार मारकर रोने लगीं और कहने लगीं कि उनका दो माह से वेतन बंद था, जिसके कारण वह काफी डिप्रेशन में चल रहे थे। हमें पैसा नहीं चाहिए। वहीं, ददन प्रसाद सिंह के बड़े बेटे अंकुर प्रकाश ने बताया कि ईद के दिन उनके पिता ड्यूटी पर 17 मिनट विलंब से पहुंचे थे। इस कारण डीएसपी ट्रैफिक ने उनके पिता के खिलाफ एसपी को रिपोर्ट किया था। इसके बाद से उनके पिताजी का वेतन बंद कर दिया गया था। इस मामले को लेकर उनके पिता एसपी से भी मिले थे। तब एसपी साहब ने उन्हें अराइवल रिपोर्ट भिजवाने को कहा था, लेकिन डीएसपी ट्रैफिक अराइवल रिपोर्ट देने में अकारण विलंब कर रहे थे। इसके कारण उनके पिता चिंतित चल रहे थे।
अंकुर प्रकाश ने बताया कि उनके पिता का स्थानांतरण चुनाव से पूर्व मुंगेर हुआ था। वे शेखपुरा से मुंगेर आए थे। उनकी उम्र 59 वर्ष तीन माह थी। उन्होंने स्थानांतरण के समय च्वाइस पोस्टिंग के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें च्वाइस पोस्टिंग नहीं मिली थी। नौ माह बाद वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। मृतक दारोगा ददन प्रसाद अपने पीछे अपनी पत्नी कल्याणी देवी, तीन बेटे अतुल आनंद, अंकुर प्रकाश और अंकित शाहावादी को छोड़ गए हैं।