भीड़ भरे कमरे में ली जा रही परीक्षा
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एक छात्रा ने बताया कि स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं नहीं हैं, जिससे वे जहां जगह मिलती है, वहां बैठने को मजबूर हैं। यह स्थिति न केवल उनकी पढ़ाई पर, बल्कि परीक्षा में प्रदर्शन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। चिंता की बात यह है कि स्कूल में विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। छात्राएं बिना किसी शिक्षा के इन विषयों की परीक्षा दे रही हैं, जो उनके लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है।