नालंदा जिले की शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति ने एक बार फिर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहुई प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय दौलतपुर की यह कहानी न केवल शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का उदाहरण है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की गंभीर स्थिति को भी उजागर करती है।
एक छत के नीचे दो स्कूल
इस विद्यालय की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि एक ही छोटी इमारत में दो अलग-अलग स्कूलों का संचालन हो रहा है। 2013 से चली आ रही इस व्यवस्था के तहत, एक ओर उत्क्रमित मध्य विद्यालय दौलतपुर के छात्र पढ़ाई करते हैं। वहीं, दूसरी ओर उसी इमारत के दूसरे कमरे में प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। यह समायोजन न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।