मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय
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सुधार गृह कांड की पृष्ठभूमि
जानकारी के मुताबिक, सुधार गृह मामले में ब्रजेश ठाकुर की एनजीओ सेवा संकल्प के तहत संचालित गृह में 11 महिलाओं और चार बच्चों के साथ हुए कथित दुष्कर्म और दुर्व्यवहार की घटनाओं ने देश भर में सनसनी फैला दी थी। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। यह मामला 2018 में खुला, जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की एक ऑडिट रिपोर्ट ने गृह में महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार का खुलासा किया था।
मामले की सुनवाई और आगे की प्रक्रिया
विशेष एससी/एसटी कोर्ट के पीपी जयमंगल प्रसाद ने बताया कि ब्रजेश ठाकुर को तिहाड़ जेल से विशेष सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। जहां उनकी उपस्थिति दर्ज की गई। कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अगली तारीख नौ दिसंबर तय की है।