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Bihar News: आवारा कुत्तों के झुंड ने छह साल के मासूम के कान, बाल और पूरा शरीर नोच डाला; आईसीयू में भर्ती

Sun, 24 Nov 2024 09:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक मासूम बच्चे पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती करवाया गया है। इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। पढ़ें पूरी खबर...।
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आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर जिले में आवारा कुत्तों के आतंक की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बोचहा थानाक्षेत्र के विशनपुर जारंग आथर गांव का है। जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक छह वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
 
जानकारी के मुताबिक, उमेश साह का बेटा बबलू शाम को खेलते समय आवारा कुत्तों का शिकार बन गया। कुत्तों के झुंड ने मासूम को चारों तरफ से घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्तों ने बबलू का बायां कान नोच डाला, सिर के बाल उखाड़ दिए और सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई। इसके अलावा शरीर की कई जगहों पर काटकर उसे लहूलुहान कर दिया। बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और उसकी जान बचाई। तुरंत उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसके सिर का ऑपरेशन किया और टूटी हड्डियों को जोड़ने का काम किया। बबलू फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।
 
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आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
गांव में फैला दहशत का माहौल
इस घटना ने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया है। ग्रामीण अब अपने बच्चों को बाहर खेलने से रोक रहे हैं। गौरतलब है कि यह अकेला मामला नहीं है। जिले में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पहले भी मैदापुर गांव में स्कूल जा रहे बच्चों पर कुत्तों ने हमला किया था। ढाई साल पहले मिठनपुरा इलाके में चार साल की बच्ची को कुत्तों ने मार डाला था। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हर महीने 2500 से अधिक कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
 
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आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की विफलता
नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने के लिए कई कदम उठाने की बात कही गई। लेकिन सभी प्रयास कागजों तक सीमित हैं। जैसे-
  • डॉग कैचर वैन: मंगवाई गई, लेकिन यह उपयोग में नहीं लाई गई।
  • नसबंदी और एंटी-रेबीज इंजेक्शन: योजना बनाई गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
  • बैठकें और प्रस्ताव: कई बार बैठकें हुईं, लेकिन प्रस्ताव फाइलों में दबे रह गए।
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