उत्तर बिहार के सबसे व्यावसायिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर जिले ने परिवहन के क्षेत्र में एक अहम मील का पत्थर हासिल किया है। जिले में परिवहन सेवा के 100 साल पूरे हो चुके हैं। यह यात्रा 1925 में शुरू हुई थी, जब पहली बस ने मुजफ्फरपुर से मिथिला क्षेत्र के सीतामढ़ी के लिए अपनी सेवा दी थी। हालांकि, उस समय आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी के कारण बहुत कम लोग इसका उपयोग कर पाते थे, लेकिन यह सेवा एक नए युग की शुरुआत थी।
बस सेवा की शुरुआत: गुलाब राय की पहल का नतीजा
मुजफ्फरपुर में पहली बार मोटर बस सेवा 1925 में शुरू हुई। यह सेवा तत्कालीन बीएनडब्ल्यू रेलवे (अब पूर्व मध्य रेलवे) के गार्ड गुलाब राय के प्रयासों से शुरू हुई थी। बस का संचालन रेलवे स्टेशन के पास से किया जाता था, जो उस समय का एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र था।
गजेटियर के अनुसार, यह बस सेवा दो पुलों से होकर गुजरती थी, जहां टोल शुल्क देना पड़ता था। इसके कारण सेवा का किराया 1.8 रुपये रखा गया था। हालांकि, उच्च किराए और कम सवारियों के चलते यह सेवा कुछ ही दिनों में बंद हो गई। बावजूद इसके, इसने परिवहन क्षेत्र में विकास की नींव रखी।