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Bihar: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को मिली दो पुलों की सौगात, लोगों ने होली खेलकर मनाई खुशी; सात दशक का इंतजार खत्म

Sun, 19 Jan 2025 08:22 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: बाढ़ प्रभावित औराई प्रखंड में पुल निर्माण की घोषणा से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। लोग इसे अपने भविष्य के लिए वरदान मान रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अब यहां विकास की गूंज सुनाई देगी और क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
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ग्रामीणों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाई खुशी - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। घनश्यामपुर पंचायत के मुशमारासोती और सुंदरखौली गांव में लखनदेई नदी पर बनने वाले दो पुलों की सौगात से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने खुशी में एक-दूसरे को गुलाल लगाया, मिठाई खिलाई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नारे लगाए।
 
 
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ग्रामीणों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाई खुशी - फोटो : अमर उजाला
पुल बनने से बाढ़ का दंश होगा कम
जानकारी के मुताबिक, यह क्षेत्र पिछले 70 वर्षों से बाढ़ के कारण अत्यधिक प्रभावित रहा है। स्थानीय लोग चचरी पुल के सहारे नदी पार करने को मजबूर थे। लंबे समय से यहां पक्के पुल की मांग हो रही थी, लेकिन केवल नेताओं के वादे और झूठे आश्वासन ही मिलते रहे। इस परियोजना को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए, लेकिन अब जाकर राज्य सरकार ने इसे मंजूरी दी है। दोनों पुलों के निर्माण के लिए कुल 11 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत हुई है। इनमें से पहला पुल मुसमारा सूती धारा नदी पर और दूसरा सुंदरखौली के पास लखनदेई नदी पर बनाया जाएगा। दोनों पुलों की कुल लंबाई 67.72 मीटर होगी।
 
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ग्रामीणों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर मनाई खुशी - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
घनश्यामपुर पंचायत और सुंदरखौली के इन पुलों के निर्माण से इलाके के लाखों लोगों को बाढ़ के समय आने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी। यह पुल केवल आवागमन को आसान नहीं बनाएंगे, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार करेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे ‘संजीवनी बूटी’ की तरह बताया। उनका कहना है कि यह पुल अब बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के जीवन को पूरी तरह बदल देगा। लंबे समय से लोग बारात, शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों से वंचित थे। अब इस परियोजना के पूरा होने के बाद यहां शादियों में शहनाई गूंजेगी और बाराती भी आसानी से आ सकेंगे।
 

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चचरी पुल - फोटो : अमर उजाला
लंबे संघर्ष की जीत
ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल के लिए संघर्ष करना किसी आजादी की लड़ाई से कम नहीं था। इस मांग को लेकर कई पीढ़ियां गुजर गईं। स्थानीय निवासी इस पुल को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम मानते हैं।
 
राज्य सरकार की योजना और समयसीमा
पुल निर्माण के लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति दे दी है और काम अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • पहला पुल: मुसमारा सूती धारा नदी पर, लागत 5.80 करोड़ रुपये।
  • दूसरा पुल: लखनदेई नदी पर, लागत 5.58 करोड़ रुपये।
इन दोनों परियोजनाओं से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
 
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चचरी पुल - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों की खुशी और उम्मीदें
पुल निर्माण की घोषणा से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। लोग इसे अपने भविष्य के लिए वरदान मान रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अब यहां विकास की गूंज सुनाई देगी और क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। इस पहल से केवल औराई प्रखंड ही नहीं, बल्कि तिरहुत प्रमंडल के अन्य बाढ़ग्रस्त इलाकों के लिए भी एक नई उम्मीद जगी है।
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