कहीं भी जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा
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पानापुर पंचायत की बाढ़ की सबसे अधिक शिकार
घाटकुसुम्भा प्रखंड में पानापुर, जितपारपुर, और प्राणपुर गांव के लोग हरोहर, सोमे और सोता नदी से घिरे हैं। इन गांवों में नाव के सहारे ही जीवन यापन होता है। सोमे नदी पर पुल न होने के कारण चार महीने नाव और आठ महीने चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता है। हर साल बाढ़ के कारण इन गांवों के कई घर नदी में समा जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन कठिन हो जाता है।
बाढ़ के पानी के बढ़ने से कई गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं। बिना यातायात के साधनों के, लोग जरूरी काम के लिए नाव पर सवार होकर आधे से एक घंटे की दूरी तय कर प्रखंड और जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। बीमार और गर्भवती महिलाओं को भी नाव पर लाया जाता है। बाढ़ के दिनों में गांव चारों ओर से पानी में घिरकर टापू बन जाता है, जिससे जीवन यापन बेहद मुश्किल हो जाता है।