भाई और बहनों ने मनाया सामा-चकेवा पर्व
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पर्व की परंपराएं
रात्रि में महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाते हुए सामा, चकेवा, चुगला और अन्य मूर्तियों वाले डाले को सजाया। फिर चुगला को जलाकर सामा-चकेवा का विसर्जन किया। इस दौरान, भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति प्रेम और कृतज्ञता प्रकट की। बहनों ने अपने भाइयों के दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए सामा को उनके बाएं घुटने से फोड़वाया और आंचल में लिया।