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Bihar News: मां विषहरा महोत्सव को पर्यटन विभाग से 20 लाख के आवंटन को मिली स्वीकृति, CM नीतीश ने की थी घोषणा

Sat, 19 Oct 2024 07:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Bihar News: मां विषहरा महोत्सव को पर्यटन विभाग से 20 लाख के आवंटन को मिली स्वीकृति, CM नीतीश ने की थी घोषणा
Bihar: Maa Vishhara Mahotsav gets approval for allocation of 20 lakhs from Tourism Department, CM Nitish Kumar
 
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बिहार पर्यटन विभाग ने किया राशि का आवंटन - फोटो : अमर उजाला
सहरसा जिले के कहरा प्रखंड के दिवारी स्थित प्राचीन मां विषहरा भगवती मंदिर में होने वाले विषहरा महोत्सव को बिहार पर्यटन विभाग ने 20 लाख रुपये का आवंटन दिया है। यह महोत्सव हर वर्ष आयोजित किया जाएगा, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हाल ही में स्वीकृति दी गई थी। इस आयोजन के लिए पर्यटन विभाग के उप सचिव ने पत्र जारी कर विभिन्न कार्यों के लिए इस धनराशि का आवंटन किया है।
 
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सीएम नीतीश कुमार पूजा करते हुए - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने की थी यह घोषणा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 सितंबर को दिवारी गांव के इस प्राचीन मंदिर का शिलापट्ट अनावरण किया था। तब उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने कहा था कि इस स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा। इसी सिलसिले में यह फैसला लिया गया कि हर साल यहां मां विषहरा भगवती महोत्सव का आयोजन होगा।
 
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सीएम नीतीश कुमार पूजा करते हुए - फोटो : अमर उजाला
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
दिवारी स्थित यह मंदिर सहरसा जंक्शन से पांच किलोमीटर दक्षिण और सोनवर्षा कचहरी स्टेशन से पांच किलोमीटर उत्तर में स्थित है। माना जाता है कि यहां भगवती की पांच बहनें एक साथ विद्यमान हैं, जिनके नाम दूतला देवी, मनसा देवी, मां भगवती, विषहरा देवी और पायल देवी हैं।



इस मंदिर की मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेषकर अगर किसी को सांप या बिच्छू डस लेता है, तो मां को चढ़ाया गया जल पीने से विष का असर खत्म हो जाता है।
 
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सीएम नीतीश कुमार ने किया था उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला
यह है अनोखी परंपरा
मां विषहरा मंदिर की एक और विशिष्टता यह है कि यहां का पुजारी ब्राह्मण नहीं, बल्कि नाई जाति के वंशज होते हैं। इस मंदिर की परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती हैं। यहां हर साल भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें नेपाल, भूटान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आते हैं।
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