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Bihar: SC सीट से चुनाव लड़कर डिप्टी मेयर बनीं, पर अब चिंता देवी को मंडी में बेचनी पड़ी सब्जियां, जानें क्यों

Mon, 02 Dec 2024 05:05 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया

सार

Gaya News: चिंता देवी ने बताया कि जब से वे डिप्टी मेयर बनी हैं, नगर निगम के अधिकारी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दे रहे। वे कई बार कार्यालय गईं, लेकिन उनकी उपस्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया। इस उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
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सम्मान की खातिर सब्जी बेचकर जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला
गया नगर निगम में सोमवार को कुछ ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सभी को चौंका दिया। डिप्टी मेयर चिंता देवी अधिकारियों की उपेक्षा से परेशान होकर सब्जी मंडी में सब्जी बेचने लगीं। यह नजारा देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए। लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी चिंता देवी ने कहा कि नगर निगम में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और वे सम्मान की कमी से व्यथित हैं।
 
‘सम्मान नहीं मिलता तो पद का कोई महत्व नहीं’
चिंता देवी ने बताया कि जब से वे डिप्टी मेयर बनी हैं, नगर निगम के अधिकारी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दे रहे। वे कई बार कार्यालय गईं, लेकिन उनकी उपस्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया। इस उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने जनता की सेवा छोड़ सब्जी बेचने का कदम उठाया। उनका कहना है कि अगर डिप्टी मेयर होने के बावजूद उन्हें सम्मान नहीं मिलता, तो उनके पद का कोई महत्व नहीं है।
 
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सम्मान की खातिर सब्जी बेचकर जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला
सफाई कर्मी से डिप्टी मेयर तक का सफर
चिंता देवी का संघर्ष भरा जीवन प्रेरणादायक है। वे पिछले 40 वर्षों से नगर निगम में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थीं। कचरा उठाने और झाड़ू लगाने का काम करने वाली चिंता देवी ने इस बार डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ा और जनता के अपार समर्थन से विजय हासिल की। उनके चुनाव में सफाई कर्मियों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया।
 
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सम्मान की खातिर सब्जी बेचकर जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला
आरक्षित सीट से चुनाव जीतकर बनीं डिप्टी मेयर
इस बार डिप्टी मेयर का पद आरक्षित होने के कारण चिंता देवी ने चुनाव लड़ा। अखौरी ओंकार नाथ श्रीवास्तव उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और उनके समर्थन में मेहनत की। जनता के बीच गहरी पैठ और स्वच्छता कर्मियों के समर्थन के बल पर चिंता देवी ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की।
 
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सम्मान की खातिर सब्जी बेचकर जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला
जनता और कर्मचारियों का समर्थन
डिप्टी मेयर बनने के बाद चिंता देवी से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी ने उनकी कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए। सब्जी बेचकर विरोध जताने की यह अनोखी घटना नगर निगम के कामकाज पर भी सवाल उठाती है। इस घटना के बाद जनता के बीच चर्चा है कि चिंता देवी जैसे जमीनी स्तर के नेता को अगर उचित सम्मान नहीं मिला, तो आम जनता की आवाज को कौन सुनेगा।
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