बाढ़ के पानी से अस्त व्यस्त हुआ लोगों का जीवन
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जानकारी के मुताबिक, अभी बाढ़ का पानी आधा फुट तक ही पहुंचा है। नदी का जलस्तर जिस हिसाब से बढ़ रहा है, उस हिसाब से अन्य जगहों में भी पानी घुसने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसे लेकर अभी से ही लोग चिंता करने लगे हैं। वहीं, पुनपुन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से इलाके के किसान भी बाढ़ की आशंका से व्यथित दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर पुनपुन नदी के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो हम लोगों की धान की फसल डूबकर नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार मॉनसून का साथ मिलने से धान की फसल काफी अच्छी है। अगर इसी तरह नदी का जल स्तर बढ़ता रहा तो फसल डूबने से हम लोगों के मुंह का निवाला भी छिन जाएगा।
वहीं, लगातार बारिश से व्यवसायियों में भी उदासी देखी जा रही है। व्यवसायियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण व्यवसाय पर भी बुरा असर दिख रहा है। बारिश से आम जनमानस से लेकर पशु-पक्षी सभी प्रभावित दिख रहे हैं। आम जनजीवन अस्त व्यस्त सा हो गया है। उल्लेखनीय है कि पुनपुन नदी नबीनगर प्रखंड में ही टंडवा के पास झारखंड की सीमा से निकली है। यहां से निकलकर यह नदी पटना में फतुहा के पास गंगा नदी में विलीन हो जाती है।