बाबा की पूजा करने को आतुर कतारों में खड़े श्रद्धालु
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सुबह से ही बाबा दुधेश्वरनाथ के मंदिर में भक्तों की भीड़ आनी शुरू हो गई। दिन चढ़ने के साथ कतारें और लंबी होती चलीं गई। भक्तगण लाइन में लगकर बाबा के दरबार में पहुंचे। जलाभिषेक कर माथा टेका और मुरादें मांगी। सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने बेल पत्र, भांग, धतूरा, अक्षत और फूल से लेकर अन्य कई तरह की वस्तुओं से बाबा का अभिषेक किया। शिवलिंग पर जलाभिषेक कर शिवभक्तों ने मन की मुराद मांगी। हर श्रद्धालु में बाबा दुधेश्वरनाथ का दीदार करने को लेकर अलग ही उत्सुकता दिख रही थी।
सावन के दूसरे सोमवार पर देवकुंड आए हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। इसके अलावा श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए सहस्त्रधारा तालाब के घाटों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। बोट के साथ निगरानी भी की जा रही थी। बाबा दुधेश्वरनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मुख्य सड़क से मंदिर के मुख्य द्वार तक बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए 20 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। उनसे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की निगरानी की जा रही है। गर्भ गृह में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसी तरह से अरवल और औरंगाबाद की सीमा पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यहां भी दोनों जिलों के श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग का इंतजाम किया गया है।