सीएम नीतीश कुमार
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जंगलराज से सुशासन तक
सीएम नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल की तुलना 2005 से पहले के समय से की, जिसे उन्होंने ‘जंगलराज’ और भय का दौर बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में उनकी सरकार ने बिहार को हर क्षेत्र में विकसित किया है। हर वर्ग के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सीएम ने 1989 के भागलपुर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने दंगा पीड़ितों को मुआवजा और न्याय दिलाया, जिससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द कायम हुआ। उन्होंने बताया कि पहले बिहार में स्कूल तो थे, लेकिन शिक्षक नहीं थे। उनकी सरकार ने 5 लाख 30 हजार शिक्षकों की बहाली की है।
स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुईं
पहले अस्पतालों में औसतन केवल 40 मरीज प्रति माह आते थे और दवाइयां बाहर से लानी पड़ती थीं। अब प्रत्येक अस्पताल में औसतन 11,600 मरीज प्रति माह आते हैं। पहले राज्य में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, अब 12 हैं और 5 और खोलने की तैयारी चल रही है। सभी प्रकार के अस्पतालों में मानक के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती की गई है।