हाल में भी उद्योगपति सायरस मिस्त्री की मौत सड़क हादसे में हुई थी। जानकारी के मुताबिक सायरस पीछे की सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। घटना के बाद सीट बेल्ट और एयरबैग पर चर्चा शुरू हो गई है। आइए समझते हैं, सीट बेल्ट और एयरबैग के बीच क्या है संबंध।
विज्ञापन
क्यों जरूरी है एयरबैग
2 of 4
कार में एयरबैग
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत में भी सभी कार निर्माताओं के लिए कार में एयरबैग देना अनिवार्य है। सुरक्षा के अन्य फीचर्स के साथ ही एयरबैग भी कार में बैठे यात्रियों की हादसे के समय सुरक्षा करता है। कार में एयरबैग कितना जरूरी होता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के कई देशों में इसे अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
कैसे करता है काम
3 of 4
कार में एयरबैग
- फोटो : सोशल मीडिया
जिस समय कार के साथ हादसा होता है तब टक्कर की स्पीड के मुताबिक ही एयरबैग खुलते हैं। कार का एक्सिलेरोमीटर सर्किट एक्टिव हो जाता है और इलेक्ट्रिकल करंट भेजता है जिसके बाद कार में लगा सेंसर एयरबैग को सिग्नल देता है और बेहद कम समय में ही एयरबैग खुल जाता है। एयरबैग कार सवार को स्टेयरिंग, डैशबोर्ड और शीशे की टक्कर से बचाते हैं। कई कारों में दरवाजों सहित अन्य जगहों पर भी एयरबैग दिए जाते हैं।
आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि अगर आपने कार में सीट बेल्ट नहीं लगाई है और आपकी कार हादसे का शिकार हो जाती है तो कार में एयरबैग होने पर भी वो नहीं खुलेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरबैग सीटबेल्ट का पूरक होता है। कई कारों में हादसे के समय एयरबैग तभी खुलते हैं जब कार में बैठे यात्रियों ने सीटबेल्ट लगा रखी हो। इसलिए जरूरी है कि आप भी कार कंपनी से इस बात की जानकारी लें कि किस स्थिति में आपकी कार के एयरबैग काम नहीं करेंगे।