इलेक्ट्रिक वाहनों की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। ऐसे में Volvo (वोल्वो) के सीईओ जिम रोवन का मानना है कि ईवी की कीमतें साल 2025 तक इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) वाले वाहनों के बराबर हो जाएंगी। कोविड -19 महामारी के बाद के मौजूदा समय में सेमिकंडक्टर की कमी पैदा हुई है और ईंधन की बढ़ती कीमतों के साथ ही सप्लाई चेन की रुकावटें हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी हुई है, हालांकि इनकी कीमतें अभी भी ज्यादा हैं।
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Volvo XC40 Recharge EV
- फोटो : Volvo
रिपोर्टों के मुताबिक, रोवन ने कहा कि ऑटो कंपनियों को सरकारी सब्सिडी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और उन्हें अपने ईवी उत्पादन की योजना इस तरह से बनाने की जरूरत है कि ग्राहक उन्हें वहन कर सकें। वोल्वो के सीईओ ने कथित तौर पर कहा, "हमें लगता है कि हमें 2025 तक कीमतों में समानता मिलत सकती है। जहां पर्याप्त तकनीक होगी जो बैटरी की लागत को कम कर रही है। टेक्नोलॉजी से ड्राइविंग रेंज बढ़ जाएगी। कम बैटरी, लेकिन ज्यादा रेंज, कम कीमत पर - हम वहां पहुंचेंगे।"
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Volvo XC40 Recharge EV
- फोटो : Volvo
ईवी का सबसे महंगा हिस्सा बैटरी है और रोवन का मानना है कि टेक्नोलॉजी की प्रगति से, बिना रेंज को प्रभावित किए, बैटरी का कम इस्तेमाल होगा, जो फिलहाल दूर की कौड़ी लगता है। सीईओ ने कम कीमतों के साथ छोटे इलेक्ट्रिक वाहन रखने की जरूरत का भी जिक्र किया। उन्होंने एक शहर-शैली वाली ईवी का उल्लेख किया जिसे वोल्वो अगले साल लाने का लक्ष्य रखती है।
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Volvo EX90 Electric SUV
- फोटो : Volvo
वोल्वो ने हाल ही में EX90 इलेक्ट्रिक वाहन को पेश किया जो सबसे लंबी रेंज की पेशकश करने का वादा करता है। वोल्वो का दावा है कि यह सबसे पावरफुल और सबसे सुरक्षित कार है। यह नई कार फ्लैगशिप XC90 SUV का इलेक्ट्रिक मेकओवर है। लग्जरी वाहन निर्माता अगले साल EX90 EV का उत्पादन शुरू करेगी और इसे साल के आखिर में लॉन्च करेगी।
Volvo EX90 में 111kWh लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया गया है, जो एक सिंगल चार्ज में 600 किमी से ज्यादा की रेंज देने का वादा करती है। ऑटोमेकर ने रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) का इस्तेमाल करके इस बैटरी का निर्माण किया है और यह 250 kW तक की फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है।