Mahindra XEV 9e
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बड़ी तस्वीर: भारत में ईवी की नई रेस
भारत जैसे संवेदनशील मूल्य बाजार में सफल होने के लिए कंपनियों को स्थानीय उत्पादन और किफायती कीमत की रणनीति अपनानी होती है। विनफास्ट का टेस्ला से तीन गुना ज्यादा बिक्री करना दिखाता है कि भारत में खरीदार व्यावहारिक और वैल्यू-आधारित ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अगर यही रफ्तार रही, तो विनफास्ट 2026 तक 1,000 से ज्यादा ईवी बेच सकती है। जबकि टेस्ला की ग्रोथ पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह भारत में स्थानीय उत्पादन कब शुरू करती है।
भारत में हर साल लगभग 2 लाख नई इलेक्ट्रिक कारें सड़कों पर आने वाली हैं, और यह साफ है कि प्रीमियम ईवी सेगमेंट की रेस अब सच में शुरू हो चुकी है। और इस बार टेस्ला अकेली दावेदार नहीं है।
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