Road Accidents
- फोटो : Amar Ujala
सुबह और देर रात भी सुरक्षित नहीं
सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच भी 2,629 हादसे हुए, जिनमें 1,447 मौतें दर्ज की गईं। यह समय तुलनात्मक रूप से थोड़ा सुरक्षित माना गया है, लेकिन स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोगों की आवाजाही के कारण इसमें भी खतरा बना रहता है।
रात 9 बजे से सुबह 3 बजे तक 2,585 दुर्घटनाएं हुईं और इनमें 1,699 लोगों की जान गई। इस दौरान सड़कें अपेक्षाकृत खाली होती हैं, जिससे ड्राइवर तेजी से वाहन चलाते हैं। ऊपर से नींद की कमी और थकावट हादसों को और भी घातक बना देती है।
सबसे कम हादसे तड़के 3 बजे से सुबह 6 बजे के बीच दर्ज किए गए जो कि सिर्फ 506 है। लेकिन इस दौरान हुई मौतों की संख्या 392 रही, जो कि बेहद खतरनाक ट्रेंड को दिखाती है। इस समय की मृत्यु दर करीब 77 प्रतिशत रही, जो सभी समयों में सबसे ज्यादा है।
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