आजकल कार कंपनियां नई-नई गाड़ियां लॉन्च कर रही हैं, लेकिन लोगों का झुकाव सेकेंड हैंड (यूज्ड) कारों की तरफ भी लगातार बढ़ रहा है। कोरोना महामारी के बाद से लोगों की सोच बदली है और बहुत से लोग अब प्री-ओन्ड कारों को बेहतर विकल्प मानते हैं। वजह साफ है- कम दाम में अच्छी कार, ज्यादा वैरायटी और जेब पर हल्का बोझ। यही कारण है कि भारत में यूज्ड कार मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। और आने वाले वर्षों में यह और भी बड़ा हो जाएगा।
हालांकि, सेकेंड हैंड कार खरीदते समय कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी। अगर सही तरीके से ध्यान दिया जाए तो यह एक शानदार डील साबित हो सकती है। लेकिन अगर गलती हो गई तो सिरदर्द भी बन सकती है। यहां हम आपको बता रहे हैं सेकेंड हैंड कार खरीदते वक्त किन 6 बातों का ध्यान रखना जरूरी है।