केंद्रीय सड़क परिवहन सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि सरकार जल्द ही दुर्घटनाओं को रोकने और बेहतर ड्राइवर व्यवहार के लिए वाहनों में सुरक्षा सुविधा के रूप में 'एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम' (एडीएएस) लगाने के लिए मानकों को अधिसूचित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही बस बॉडी कोड भी अधिसूचित करेगी, जो बसों के लिए अनिवार्य होगा।
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- फोटो : सोशल मीडिया
उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा मंगलवार को आयोजित एक सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में बोलते हुए, जैन ने कहा, "एडीएएस पर काम प्रगति पर है। हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा और इससे ड्राइवर के व्यवहार को बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।"
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इस समय एडीएएस सिस्टम का एक कंपोनेंट - इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण (इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल) (ईएससी) (ESC) - कार्यान्वयन के अधीन है। अधिकारियों ने कहा कि लगभग 35 प्रतिशत कारें पहले से ही ईएससी के साथ आ रही हैं। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है। बसों के लिए पिछले अप्रैल से ईएससी अनिवार्य कर दिया गया है।
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परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "हमने एडीएएस के एक अन्य कंपोनेंट, एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (एईबीएस) (AEBS) के लिए मसौदा मानदंड जारी किया है, और यह अंतिम चरण में है। इस सिस्टम से लैस वाहन के सामने यदि कोई वस्तु आती है तो एईबीएस अपने आप एक्टिव हो जाएगा। यह घने कोहरे की स्थिति में सबसे मददगार होगा।" प्रस्तावित मानक के अनुसार, एईबीएस तभी एक्टिव होगा जब इससे लैस वाहन 50 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की रफ्तार पर होगा।
शुरुआत में, एईबीएस को बसों और ट्रकों में एक ऑप्शनल फीचर (वैकल्पिक सुविधा) बनाया जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाते समय सड़क सुरक्षा को अत्यधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "सड़क इंजीनियरिंग बहुत महत्वपूर्ण है... डीपीआर की गुणवत्ता बहुत खराब है... मुझे लगता है कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए मूल रूप से इंजीनियर जिम्मेदार हैं, लेकिन लोग हमेशा ड्राइवरों को दोषी ठहराते हैं। इसलिए मुख्य समस्या सड़क इंजीनियरिंग है।''