फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Traffic: दिल्ली के महा भयंकर ट्रैफिक से गडकरी भी नहीं बचे, बोले- धौला कुआं की जाम सुधारने में निकल गए चार साल

Tue, 15 Apr 2025 07:12 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर ट्रैफिक की समस्या को लेकर सीधा और बिना लाग-लपेट के बयान दिया है। इस बार उन्होंने दिल्ली-एनसीआर की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था को "महा भयंकर" करार देते हुए साफ शब्दों में कहा कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
1 of 6
नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर ट्रैफिक की समस्या को लेकर सीधा और बिना लाग-लपेट के बयान दिया है। इस बार उन्होंने दिल्ली-एनसीआर की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था को "महा भयंकर" करार देते हुए साफ शब्दों में कहा कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। हालांकि, राजधानी की सड़कों पर जाम की तीखी आलोचना के साथ ही उन्होंने बदलाव के लिए तकनीक आधारित रोडमैप भी पेश किया।

यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: मुंबई-गोवा हाईवे जून तक हो जाएगा पूरा, नितिन गडकरी का एलान- 15 दिनों में नई टोल नीति भी
विज्ञापन

2 of 6
Traffic Jam - फोटो : PTI
धौला कुआं की जाम ने छीने जिंदगी के 4 साल
गडकरी ने खुद के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे धौला कुआं के ट्रैफिक ने उनकी जिंदगी के 4 साल खा लिए। अपने खुद के यातायात के दुख को याद करते हुए गडकरी ने कहा, "मैं हर दिन धौला कुआं में 1.5 घंटे तक ट्रैफिक में फंसा रहता था। मेरे जीवन के चार साल सिर्फ धौला कुआं को बेहतर बनाने की कोशिश में बर्बाद हो गए।"

यह भी पढ़ें - Car AC Gas: क्या आपकी कार की एसी ठंडी हवा नहीं दे रही? जानिए कौन सी गैस है इसके लिए सही
विज्ञापन

3 of 6
Delhi Traffic - फोटो : PTI
बिना प्लानिंग के बंगलों और गाड़ियों की भरमार
गडकरी ने दिल्ली में तेजी से बढ़ती कारों की संख्या और बिना प्लानिंग के हो रहे शहरी विकास पर भी सवाल उठाया। एआईएमए के 10वें राष्ट्रीय नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आप दिल्ली में बड़े-बड़े बंगले बना लेते हैं, लेकिन पार्किंग नहीं बनाते। क्या हमने सड़कें इसलिए बनाईं कि आप उन पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकें?" गडकरी ने चुटकी लेते हुए कहा, "दिल्ली में चारों लोगों के एक परिवार के पास आठ गाड़ियां होंगी और ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।"

यह भी पढ़ें - Traffic Violations: ट्रैफिक चालान के लिए अब 10 सेकंड तक का वीडियो होगा रिकॉर्ड, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

4 of 6
Traffic jam in Delhi - फोटो : PTI
सिर्फ फ्लाईओवर से नहीं सुलझेगा ट्रैफिक
गडकरी ने ये भी साफ किया कि नई सड़कें और फ्लाईओवर बनाना ट्रैफिक का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने मुंबई का उदाहरण देते हुए कहा, "मैंने मुंबई में ढेर सारे फ्लाईओवर बनाए, लेकिन जब तक वो बनकर तैयार हुए, तब तक जनसंख्या इतनी बढ़ चुकी थी कि सारा इंफ्रास्ट्रक्चर छोटा पड़ गया।"

यह भी पढ़ें - Pollution Challan: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, ग्रैप लागू होने के दौरान 31,000 से ज्यादा गाड़ियों का कटा चालान
विज्ञापन

5 of 6
Delhi Traffic - फोटो : PTI
गडकरी का 'फ्लैश बस' वाला समाधान
हालांकि आलोचना के साथ-साथ गडकरी ने समाधान भी पेश किया। उन्होंने बताया कि नागपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 'फ्लैश बस' शुरू की जा रही है। यह एक हाईटेक इलेक्ट्रिक बस है जो सिर्फ आधे मिनट की चार्जिंग में 40 किलोमीटर तक चल सकती है। इसमें 135 लग्जरी सीटें, टीवी और यहां तक कि एयर होस्टेस जैसी सुविधाएं होंगी। यह तकनीक सीमेन्स और हितैची की मदद से विकसित की जा रही है।

इस प्रोजेक्ट का पहला टेंडर अप्रैल के आखिर तक जारी किया जाएगा और अगर यह सफल रहा, तो इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है। इन बसों के किराए भी डीज़ल बसों से 30% सस्ते होंगे।

यह भी पढ़ें - Auto Components: 2030 तक भारत की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री 145 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी, नीति आयोग का अनुमान
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Delhi Traffic - फोटो : X/@dtptraffic
'पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाएंगे'
गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रैफिक से निपटने के लिए निजी गाड़ियों की संख्या घटाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "हमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को स्मार्ट, तेज और सुविधाजनक बनाना होगा ताकि लोग निजी गाड़ियों की बजाय बस या मेट्रो को चुनें। साथ ही, जनसंख्या पर भी नियंत्रण जरूरी है, नहीं तो कोई समाधान टिकाऊ नहीं होगा।"

गडकरी का यह बयान साफ इशारा करता है कि भारत के शहरों में ट्रैफिक सिर्फ गाड़ियों से नहीं, सोच और प्लानिंग से भी जुड़ा मसला है। जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 

यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy 2.0: एक लाख रुपये से कम कीमत वाले टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, जानें कितनी है रेंज 

यह भी पढ़ें - EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 का लक्ष्य 2027 तक 95% इलेक्ट्रिक वाहन, 20,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें