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EV Battery: टेस्ला ने एलजीईएस के साथ किया 4.3 अरब डॉलर का बैटरी सौदा, चीन पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य

Wed, 30 Jul 2025 12:06 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टेस्ला ने बैटरी सप्लाई को लेकर एलजी एनर्जी सॉल्यूशन (LGES) के साथ 4.3 अरब डॉलर (करीब 36,000 करोड़ रुपये) का बड़ा सौदा किया है। इस समझौते का मकसद चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना है।
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Electric Car - फोटो : Freepik
टेस्ला ने बैटरी सप्लाई को लेकर एलजी एनर्जी सॉल्यूशन (LGES) (एलजीईएस) के साथ 4.3 अरब डॉलर (करीब 36,000 करोड़ रुपये) का बड़ा सौदा किया है। इस समझौते का मकसद चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना है, खासकर बैटरी जैसे अहम कंपोनेंट्स के लिए। दक्षिण कोरियाई कंपनी एलजीईएस टेस्ला को अगस्त 2027 से जुलाई 2030 के बीच तीन साल तक बैटरियां सप्लाई करेगी। समझौते में यह भी तय किया गया है कि मांग बढ़ने पर सप्लाई का समय सात साल तक बढ़ाया जा सकता है।

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik
अमेरिका की फैक्ट्री से होगी बैटरी सप्लाई
इस डील के तहत एलजीईएस, टेस्ला को अमेरिका में बनी लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) (एलएफपी) बैटरियां मुहैया कराएगी। जो टेस्ला की एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होंगी। यानी ये बैटरियां इलेक्ट्रिक कारों के बजाय स्टोरेज यूनिट्स जैसे सोलर ग्रिड या बैकअप पॉवर सिस्टम्स में लगेंगी।

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Electric Car Charging - फोटो : Freepik
चीन से आयात मुश्किल, टेस्ला का नया प्लान
टेस्ला फिलहाल अपनी एलएफपी बैटरियों का आयात चीन से करती है, लेकिन अमेरिका-चीन के बीच जारी टैरिफ युद्ध और सख्त नीतियों के चलते यह आयात करना अब पहले जैसा आसान नहीं रह गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टेस्ला अब चीन के बाहर से बैटरियों की खरीद बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ताकि व्यापारिक दबावों से बचा जा सके। एलजीईएस की ये सप्लाई अमेरिका के मिशिगन स्थित प्लांट से की जाएगी।

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Electric Car - फोटो : Freepik
LGES ने बिना नाम लिए की थी डील की घोषणा
एलजीईएस ने बुधवार को एक बयान में बताया था कि उसने दुनिया भर में तीन साल तक एलएफपी बैटरी सप्लाई करने के लिए 4.3 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, लेकिन उस समय ग्राहक का नाम नहीं बताया गया था। एलजीईएस के बड़े ग्राहकों में टेस्ला और जनरल मोटर्स जैसे नाम शामिल हैं। जिससे ये कयास लगाया जा रहा था कि यह डील टेस्ला के साथ ही हुई है।

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Tesla Model Y - फोटो : Tesla
टेस्ला पहले ही दे चुका है संकेत
टेस्ला के सीएफओ, वैभव तनेजा ने अप्रैल 2025 में साफ कर दिया था कि कंपनी चीन से बाहर बैटरी सप्लायर्स की तलाश में है, खासकर अपनी एनर्जी स्टोरेज यूनिट्स के लिए। उनका कहना था कि टैरिफ की वजह से ऐसा करना जरूरी हो गया है, हालांकि इसमें थोड़ा वक्त जरूर लगेगा।

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टेस्ला मॉडल - फोटो : अमर उजाला
चिप डील के बाद बैटरी डील भी
यह डील ऐसे समय पर हुई है जब दुनियाभर के देश और कंपनियां अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों को लेकर होड़ में लगे हैं। इसी हफ्ते सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और टेस्ला ने एक और बड़ी डील की थी, जिसमें 16.5 अरब डॉलर की चिप सप्लाई का करार हुआ था। अब एलजीईएस के साथ बैटरी समझौते ने इस दिशा में टेस्ला की रणनीति को और मजबूत कर दिया है। 

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