टेस्ला के सीईओ एलन मस्क इस महीने के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए भारत आने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी मिली है।
सूत्रों के अनुसार, मस्क की यह यात्रा संभावित रूप से टेस्ला के निवेश योजनाओं और देश में एक नया कारखाना खोलने की घोषणा के साथ होगी।
मस्क संभवत: 22 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे।
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Elon Musk and PM Modi
- फोटो : X/@PMOIndia
इसके अलावा, उम्मीद है कि वह अपनी भारत यात्रा के दौरान टेस्ला की भारत के लिए योजनाओं के बारे में डिटेल्स देंगे। हालांकि, भारत यात्रा के लिए मस्क के अंतिम कार्यक्रम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
फिर भी, पहले बताया जा चुका है कि टेस्ला के अधिकारी भारत में एक निर्माण संयंत्र के लिए संभावित जगहों का पता लगा रहे थे। जिसके लिए लगभग 2 अरब अमरीकी डॉलर का निवेश हो सकता है।
भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने में टेस्ला की रुचि बढ़ गई है। क्योंकि कंपनी एक अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश कर रही है।
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Elon Musk Tesla Cars
- फोटो : Amar Ujala
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्य सरकारों ने कथित तौर पर टेस्ला को इस उद्देश्य के लिए आकर्षक भूमि की पेशकश की है। जो भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी परिदृश्य में महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत देता है।
प्रस्तावित विनिर्माण संयंत्र, जिसमें 2 अरब अमरीकी डॉलर से 3 अरब अमरीकी डॉलर तक का निवेश होने का अनुमान है, का लक्ष्य टेस्ला के इलेक्ट्रिक वाहनों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की मांग को पूरा करना है।
यह कदम भारत की नई ईवी नीति के अनुरूप है, जो सतत परिवहन को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने का प्रयास करती है।
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Tesla Supercharger
- फोटो : Social Media
सरकार की ईवी योजना के तहत, जिसका लक्ष्य भारत को अत्याधुनिक तकनीक से लैस ईवी के लिए पसंदीदा विनिर्माण स्थल के रूप में स्थापित करना है, कई प्रमुख उद्देश्यों को रेखांकित किया गया है।
इनमें वैश्विक ईवी निर्माताओं से निवेश आकर्षित करना, भारतीय उपभोक्ताओं के बीच एडवांस्ड ईवी तकनीक को अपनाने को बढ़ावा देना और देश की मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करना शामिल है।
इसके अलावा, भारतीय बाजार में टेस्ला की एंट्री से देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए अपार संभावनाएं हैं।
उम्मीद है कि एक विनिर्माण संयंत्र की स्थापना और भारत से ऑटो पार्ट्स की बढ़ती खरीद से रोजगार पैदा होंगे, आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू विनिर्माण इको सिस्टम मजबूत होगा।