दक्षिण कोरियाई ऑटो दिग्गज ह्यूंदै रूस में अपना कारोबार बंद करने वाली अगली वाहन निर्माता कंपनी होगी। यूरोपीय मीडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ह्यूंदै और एक कजाख कंपनी के बीच एक सौदा चल रहा है जिसे स्थानीय सरकार से अनुमोदन मिलना बाकी है। बातचीत अंतिम चरण में है और रूसी अधिकारियों से हरी झंडी मिलते ही ब्रांड की बाजार से विदाई करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
ह्यूंदै ने 2022 में रूस में अपने कामकाज को रोक दिया था। ऐसे में एक औपचारिक एक्जिट की खबर शायद ही हैरानी की बात लगे। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद, कई अन्य वाहन निर्माताओं की तरह, ह्यूंदै ने यह फैसला लिया। इस युद्ध के बाद रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध और व्यापार प्रतिबंध लगाए गए थे।
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Hyundai Car Plant
- फोटो : Hyundai
जहां तक पिछले एक साल से रूसी कारोबार का संबंध है, ऐसी खबरें सामने आईं थी कि ह्यूंदै अपने विकल्पों की समीक्षा करने की प्रक्रिया में है। और अब ऐसा लगता है कि इसके कामकाज को बंद करने का रास्ता तय हो गया है। क्रेटा बनाने वाली वाहन निर्माता रेनो और सिबलिंग ब्रांड किआ के साथ देश के टॉप तीन ओईएम में से एक थी। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 200,000 वाहनों की है, जो ब्रांड की वैश्विक उत्पादन क्षमता का लगभग चार प्रतिशत है।
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि रूस से ह्यूंदै की औपचारिक रूप से विदाई कुछ हफ्तों के भीतर हो जाएगी। जिसके बाद ह्यूंदै को रूस के लिए आवंटित किए गए संसाधन और धन मिलेगा, जिसका इस्तेमाल दुनिया के अन्य बाजारों में किया जा सकेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि रूस से बाहर निकलने की औपचारिकता के बाद ह्यूंदै अपना फोकस और फंड किस बाजार में डालेगी है।
ह्यूंदै के अलावा, अन्य कार निर्माता जिन्होंने रूस में परिचालन बंद कर दिया है, उनमें टोयोटा, रेनो, सुजुकी, निसान, होंडा, स्टेलेंटिस, मर्सिडीज-बेंज, फॉक्सवैगन और बहुत भी कई शामिल हैं। रेनो की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी मॉस्को सिटी ने खरीदी थी, जिसने ऑटोमेकर की मॉस्को मैन्युफेक्चरिंग प्लांट का नाम बदलकर मॉस्को ऑटोमोबाइल फैक्ट्री मोस्किविच कर दिया था। प्लांट अब नए Moskvitch ब्रांड के तहत चीनी निर्माता JAC से हासिल किए गए रीबैज वाहनों का उत्पादन करता है।