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December Car Deals: दिसंबर में कार खरीदना सही है या नहीं? समझें क्या है इसके गणित और मनोविज्ञान की असली कहानी

Mon, 15 Dec 2025 03:04 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आपको दिसंबर में कार खरीदनी चाहिए? भले ही इस समय डिस्काउंट मिल जाए। लेकिन डीलरशिप इस बात को छिपा लेते है कि जैसे ही आप उसे दोबारा बेचने की कोशिश करेंगे, वह डिस्काउंट खत्म हो सकता है। क्या है इसका गणित बनाम मनोविज्ञान का पहलू। 
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कार शोरूम - फोटो : AI
December Car Deals 2025: दिसंबर आते ही देशभर के कार शोरूम आकर्षक ऑफर्स से जगमगा उठते हैं। मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा पर 2.4 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है, वहीं होंडा एलिवेट पर 1.76 लाख रुपये का फायदा दिखाया जा रहा है। संदेश साफ है कि अभी खरीदिए और मोटी बचत कीजिए। लेकिन जिस पहलू की चर्चा डीलर नहीं करते, वह यह है कि यही छूट आगे चलकर आपकी कार की रीसेल वैल्यू को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकती है।

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गाड़ियों की कीमत - फोटो : AI
वह छिपी हुई कीमत, जिसका जिक्र नहीं होता
दिसंबर 2025 में खरीदी गई कार के साथ एक अदृश्य बोझ जुड़ जाता है जो है उसका रजिस्ट्रेशन ईयर। जब आप पांच या छह साल बाद कार बेचने जाते हैं, तो खरीदार सबसे पहले यही देखता है कि कार किस साल की है। "2025 मॉडल" देखते ही कीमत अपने आप कम आंकी जाती है। ऑटो इंडस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ पिछले कैलेंडर ईयर में रजिस्ट्रेशन होने के कारण कार की रीसेल वैल्यू 5 से 10 प्रतिशत तक गिर जाती है। जबकि एसयूवी के मामले में यह नुकसान 15 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है।

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वाहनों की बिक्री - फोटो : AI
मान लीजिए आपने 15 लाख रुपये की एसयूवी दिसंबर में खरीदी और 1.5 लाख रुपये की छूट लेकर 13.5 लाख रुपये में डील फाइनल कर ली। उस वक्त यह फैसला बेहद समझदारी भरा लगता है। अब छह साल आगे बढ़ते हैं। वही कार सामान्य डिप्रिसिएशन के बाद करीब 6-7 लाख रुपये की रह जाती है। लेकिन दिसंबर रजिस्ट्रेशन की वजह से इसमें 30,000 रुपये से 60,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती हो जाती है। यानी जिस 1.5 लाख रुपये की छूट पर आपने खुद को विजेता समझा था, वह असल में भविष्य में नुकसान में बदल जाती है।

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Car Showroom - फोटो : Freepik
"नई शुरुआत" का मनोविज्ञान
भारत में कार खरीदना सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं होता, यह भावनाओं से भी जुड़ा होता है। रिसर्च बताती है कि भारतीय खरीदार कार को स्टेटस और सफलता का प्रतीक मानते हैं। जनवरी में खरीदी गई कार एक मजबूत मानसिक संदेश देती है- नया साल, नई शुरुआत और नया रजिस्ट्रेशन ईयर।

जब आप जनवरी रजिस्ट्रेशन वाली कार घर लाते हैं, तो उसके साथ एक सकारात्मक कहानी जुड़ जाती है। वहीं दिसंबर की कार, चाहे कितनी ही सस्ती क्यों न मिली हो, कहीं न कहीं "क्लियरेंस स्टॉक" का एहसास कराती है। यह एहसास तब और गहरा हो जाता है, जब कोई पूछता है- "2026 में 2025 मॉडल क्यों लिया?" यही वजह है कि कई खरीदार सही रजिस्ट्रेशन ईयर के लिए 4 से 12 हफ्ते तक इंतजार करने को तैयार रहते हैं।

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कार शोरूम - फोटो : AI
किसे फायदा, किसे नुकसान
एसयूवी खरीदने वालों के लिए जनवरी का इंतजार ज्यादा समझदारी भरा होता है। शुरुआती वर्षों में एसयूवी की रीसेल वैल्यू मजबूत रहती है। लेकिन दिसंबर रजिस्ट्रेशन पर यहीं सबसे ज्यादा पेनल्टी लगती है।

सेडान खरीदारों के लिए दिसंबर तब ठीक हो सकता है, जब छूट 8 प्रतिशत से ज्यादा हो और कार को कम से कम पांच साल रखने का इरादा हो। 

लग्जरी कारों के मामले में दिसंबर की खरीदारी लगभग हमेशा नुकसानदेह साबित होती है। रजिस्ट्रेशन ईयर का मनोवैज्ञानिक असर यहां इतना मजबूत होता है कि रीसेल पर 12 से 15 प्रतिशत तक का झटका लग सकता है।

जो खरीदार समझदारी से मोलभाव करते हैं, उनके लिए बेहतर रणनीति यह है कि दिसंबर में कीमत घटवाने के बजाय फ्री एक्सटेंडेड वारंटी, कॉम्प्लिमेंट्री इंश्योरेंस या एक्सेसरी पैकेज पर डील करें। इससे आपको फायदा भी मिलेगा और रीसेल वैल्यू भी सुरक्षित रहेगी।

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कार शोरुम पर खरीदारों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
दिसंबर 2025 क्यों है और ज्यादा जोखिम भरा
इस साल दिसंबर की कहानी थोड़ी अलग है। मारुति जैसी कंपनियों की आक्रामक छूट कमजोर मांग की वजह से नहीं, बल्कि जनवरी में आने वाले फेसलिफ्ट मॉडल्स के कारण है। यानी आप लोकप्रिय स्टॉक पर डील नहीं ले रहे, बल्कि ऐसे मॉडल खरीद रहे हैं जो जल्द ही पुराने माने जाएंगे। इस नजरिए से दिसंबर 2025 कार खरीदने के लिए और भी जोखिम भरा हो जाता है।

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Car Sales - फोटो : Freepik
खुद की पीठ थपथपाएंगे
दिसंबर में डीलर जीतता है, जनवरी में खरीदार। डेढ़ से दो लाख रुपये की दिखने वाली छूट, रीसेल वैल्यू में कटौती के सामने धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। जनवरी की शुरुआत में भी बातचीत करके अच्छी डील मिल सकती है, बस कुछ हफ्तों का धैर्य चाहिए। बदले में आपको नए साल का रजिस्ट्रेशन ईयर, बेहतर मनोवैज्ञानिक संतुष्टि और लंबे समय में ज्यादा पैसा मिलता है।

यह उन दुर्लभ फैसलों में से एक है, जहां धैर्य, मनोविज्ञान और गणित- तीनों एक साथ एक ही दिशा में इशारा करते हैं। 2030 में जब आप यह कार बेचेंगे, तब आप यह इंतजार करने के लिए खुद से ही खुद की पीठ थपथपाएंगे। 



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