सेकंड हैंड कार यानी यूज्ड या प्री-ओन्ड वाहनों के बाजार में एक नया ट्रेंड सामने आया है। परिवार सिर्फ उपयोगिता के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए भी कारों का चयन कर रहे हैं।
भारत में त्योहारी सीजन के दौरान पुरानी कारों (सेकंड हैंड कार) के बाजार में एक नया ट्रेंड सामने आया है। परिवार सिर्फ उपयोगिता के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए भी कारों का चयन कर रहे हैं। यूज्ड व्हीकल्स की एक ऑनलाइन फर्म की तिमाही रिपोर्ट में कई रुझानों पर रोशनी डाला गया है। जिसमें पुरानी कारों की खरीद में बढ़ोतरी, डिजिटल लेन-देन में इजाफा और सेफ्टी फीचर्स वाले मॉडलों के लिए बढ़ती प्राथमिकता शामिल है।
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Tata Nexon iCNG
- फोटो : Tata
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे सीजन में, देश भर में कारों की बिक्री में उछाल आया, और इस प्लेटफॉर्म पर हर घंटे तीन कारें बिकीं। नवरात्रि के पहले दिन जैसे विशेष दिनों में बिक्री दैनिक औसत से चार गुना अधिक रही। जबकि गणेश चतुर्थी और स्वतंत्रता दिवस पर 5.5 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। मुंबई में, गणेश चतुर्थी पर 16 प्रतिशत खरीदारी हुई, जबकि बंगलूरू में दिवाली का मौसम चरम पर रहा।
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Safety Features
- फोटो : Hyundai
सुरक्षा सबसे पहले
भारतीय खरीदार अब सुरक्षा को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। 70 प्रतिशत से अधिक लोग इसे अपने खरीद निर्णयों में प्राथमिकता देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 58 प्रतिशत उपभोक्ता 6 एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण (ESC) जैसी सेफ्टी फीचर्स में ज्यादा निवेश करने को तैयार हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट मूल्य-वर्धित सेवाओं (VAS) (वैल्यू एडेड सर्विस) की बढ़ती मांग को दर्शाती है। जिसमें खरीदार एक्सटेंडेड वारंटी और तकनीकी अपग्रेड, जैसे डैशकैम (12 प्रतिशत) और रोड साइड असिस्टेंस (45 प्रतिशत) पर 10,000 रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं।
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Hyundai Grand i10 Nios
- फोटो : Hyundai
छोटे शहर, बड़ी मांग
त्योहारी सीजन में टियर II और III शहरों से पुरानी कारों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। त्रिवेंद्रम और मैसूर जैसे जगहों में क्रमशः 45 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जिसमें ह्यूंदै ग्रैंड i10, मारुति बलेनो और टाटा टियागो जैसे लोकप्रिय मॉडल सबसे आगे रहे। लखनऊ, जयपुर और आगरा जैसे शहर भी इस ट्रेंड में शामिल हो गए। जिससे भारत के प्रमुख खरीदारों के बीच सेकंड हैंड कार बाजार में बढ़ते आत्मविश्वास का पता चलता है।
भारत में पेट्रोल के प्रति लोगों की पसंद मजबूत बनी हुई है। मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में, 85 प्रतिशत खरीदार पेट्रोल से चलने वाली कारों को चुनते हैं। बंगलूरू और हैदराबाद जैसे शहरों में डीजल अभी भी लोकप्रिय है, लेकिन इसकी लोकप्रियता घट रही है।
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Tata Nexon iCNG
- फोटो : Tata Motors
एसयूवी का क्रेज जारी है, हैचबैक का जलवा बरकरार है
एसयूवी ने अपनी अपील को मजबूत किया है और कुल बिक्री में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की है। जिसमें टाटा नेक्सन जैसे कॉम्पैक्ट मॉडल अपनी पावर और स्टाइल के कंबिनेशन के कारण सबसे आगे हैं। अन्य पसंदीदा में ह्यूंदै क्रेटा शामिल है, जबकि बंद हो चुकी फोर्ड इकोस्पोर्ट को अभी भी काफी खरीदार मिल रहे हैं। हैचबैक लोकप्रिय बनी हुई है। ह्यूंदै ग्रैंड i10 और मारुति बलेनो ने लंबे समय से पसंदीदा मारुति स्विफ्ट को पीछे छोड़ दिया है। इस बीच, सेडान ने फिर से उछाल देखा, जो अब बाजार के 21 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर चुका है। जिसमें ह्यूंदै और होंडा जैसे ब्रांड महत्वपूर्ण हिस्सेदारी पर कब्जा कर रहे हैं।
युवा और महिला खरीदार बढ़े
इसके अलावा, कंपनी ने ऑनलाइन लेनदेन में 800 करोड़ रुपये की राशि देखी। जो सुविधाजनक डिजिटल कार खरीद की ओर बदलाव को दर्शाता है। कार लोन में 300 करोड़ रुपये का उछाल आया, जिसमें युवा वर्ग और 19 प्रतिशत महिला उधारकर्ताओं का योगदान रहा। जिसमें अहमदाबाद और जयपुर टियर II और III शहरों में सबसे आगे हैं। सेकंड हैंड कारों की औसत बिक्री कीमत में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। क्योंकि खरीदारों ने बुनियादी एंट्री लेवल के विकल्पों की तुलना में फीचर्स से भरपूर मॉडल को चुना।