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Second Hand Car: सेकंड हैंड कार कैसे खरीदें? खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान

Thu, 03 Apr 2025 01:06 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप एक अच्छी और भरोसेमंद कार चाहते हैं लेकिन ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो पुरानी कार खरीदना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि पुरानी कार खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे सही डील की जाए।

 
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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Freepik
अगर आप एक अच्छी और भरोसेमंद कार चाहते हैं लेकिन ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो पुरानी कार खरीदना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, सही कार चुनने के लिए सावधानी जरूरी है ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। यहां हम आपको बताएंगे कि पुरानी कार खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे सही डील की जाए।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Freepik
कहां से खरीदें पुरानी कार?
पुरानी कार खरीदने के दो मुख्य तरीके हैं - डीलरशिप से खरीदना या सीधे कार मालिक से डील करना। आजकल कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डीलरशिप हैं जो पुरानी कारों को प्रोफेशनली रिफर्बिश करके बेचते हैं। ये कारें अक्सर वारंटी के साथ आती हैं और इनके पेपरवर्क, जैसे कि ओनरशिप ट्रांसफर जैसी चीजों का ख्याल भी ये कंपनियां संभालती हैं। हालांकि, इन कारों की कीमत बाजार दर से थोड़ी ज्यादा होती है। क्योंकि वारंटी और अन्य सुविधाएं इसकी कीमत में जुड़ जाती हैं।

अगर आप खुद पुरानी कार खोज रहे हैं, तो ऑनलाइन लिस्टिंग या डायरेक्ट मालिक से बात करके कार खरीद सकते हैं। इस स्थिति में सबसे जरूरी है यह चेक करना कि कार जिस व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है, वही इसे बेच रहा है या नहीं। इसके अलावा, यह भी देखना जरूरी है कि कार पर कोई बकाया लोन तो नहीं है। कार की ओनरशिप और अन्य डिटेल्स जानने के लिए आप Vahan पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Audi India
कार का एक्सटीरियर कैसे जांचें?
सबसे पहले कार के पेंट पर ध्यान दें। अगर कार का पेंट ओरिजिनल फैक्ट्री पेंट है, तो यह लंबे समय तक चलेगा। वहीं, अगर कार को दोबारा पेंट किया गया है, तो यह जल्दी फीका पड़ सकता है और यह किसी दुर्घटना या मरम्मत का संकेत हो सकता है।

बंपर पर हल्की-फुल्की खरोंचें आम हैं और इनसे कोई बड़ी समस्या नहीं होती, लेकिन अगर कार पूरी तरह से फिर से पेंट की गई लगती है, तो यह एक खतरे की घंटी हो सकती है। इसके अलावा, हेडलाइट्स, टेललाइट्स, बैज और साइड मिरर को ध्यान से जांचें कि कहीं वे बदले तो नहीं गए हैं।

एक आसान ट्रिक है - चुंबक का इस्तेमाल करें। अगर मैगनेट कार के कुछ हिस्सों पर नहीं चिपकता, तो इसका मतलब है कि वहां मरम्मत के लिए मोटी परत चढ़ाई गई है।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Hyundai
कार के इंटीरियर की हालत कैसी है?
कार के इंटीरियर से यह पता चलता है कि मालिक ने इसकी देखभाल कैसी की है। अगर डैशबोर्ड फीका पड़ा हुआ है, तो हो सकता है कि कार को लंबे समय तक धूप में खड़ा रखा गया हो। इसमें कोई नुकसानदायक बात नहीं, लेकिन यह देखने में अच्छी नहीं लगती। पैडल ज्यादा घिसे हुए हों, तो यह कार के ज्यादा चलने का संकेत हो सकता है। इसी तरह, स्टीयरिंग व्हील और गियर नॉब का बहुत ज्यादा घिसा होने का मतलब है कि यह ज्यादा चलाई गई है। 

अगर सीट कवर नए लग रहे हैं, तो यह संभव है कि नीचे की असली सीटें खराब हों। टूटी-फूटी स्विच, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स, और जरूरत से ज्यादा एक्सेसरीज जैसे कि एलईडी लाइटिंग और हाई वॉल्यूम साउंड सिस्टम भी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं, खासकर अगर उनकी वायरिंग सही से नहीं की गई हो।

फर्श पर लगी मैट्स हटाकर भी देखें कि नीचे कोई जंग या क्षति तो नहीं है। साथ ही, कार के डिक्की (बूट स्पेस) में स्पेयर टायर और टूल्स मौजूद हैं या नहीं, यह भी जरूर जांचें।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Freepik
इंजन, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जांच कैसे करें?
कई लोग दावा करते हैं कि उनकी कार बहुत कम चली हुई है। लेकिन कुछ चीजें आपको असली सच्चाई बता सकती हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई कार 50,000 किमी से कम चली है, लेकिन उसमें बिल्कुल नए टायर लगे हैं, तो यह शक करने वाली बात हो सकती है।

इंजन की स्थिति देखने के लिए बोनट खोलें और इंजन के आसपास जंग, लीक या किसी तरह की बड़ी मरम्मत के संकेत देखें। अगर इंजन बहुत पुराना और थका हुआ दिखता है, तो कार लेने से बचें। हालांकि, सिर्फ गंदा दिखना और पुराना दिखना अलग-अलग बातें हैं, इसलिए इसे ध्यान से जांचें।

वायरिंग में कोई कट या जोड़ नजर आए, तो यह एक चेतावनी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, सभी रबर पार्ट्स की स्थिति जांचें। अगर वे फटे या सख्त हो गए हैं, तो इसका मतलब है कि कार की अच्छी तरह देखभाल नहीं की गई। सभी जरूरी फ्लूइड्स का लेवल भी चेक करें।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : Freepik
टेस्ट ड्राइव: गाड़ी चलाकर जांचना क्यों जरूरी है?
कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव लेना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि कार को ठंडे इंजन से स्टार्ट करें, ताकि आप क्रैंकिंग साउंड को अच्छे से सुन सकें। अगर कार को स्टार्ट होने में ज्यादा समय लगता है, तो यह बैटरी या इंजन की समस्या का संकेत हो सकता है।

ड्राइविंग के दौरान देखें कि एक्सेलरेशन स्मूथ है या नहीं, ब्रेकिंग ठीक से काम कर रही है या नहीं, और कहीं से अजीब आवाजें तो नहीं आ रही हैं। अगर क्लच दबाने के बाद गाड़ी आगे बढ़ने में दिक्कत करती है, तो क्लच खराब हो सकता है।

गाड़ी को दाएं-बाएं घुमाकर चलाएं और ध्यान दें कि फ्रंट व्हील्स से कोई अजीब आवाज तो नहीं आ रही है। अगर कोई खटखटाने की आवाज आती है, तो इसका मतलब फ्रंट ड्राइव शाफ्ट बदले जाने की जरूरत हो सकती है।

सस्पेंशन से कोई आवाज नहीं आनी चाहिए और गाड़ी आरामदायक महसूस होनी चाहिए। साथ ही, एसी की परफॉर्मेंस भी जांचें। यह देखें कि कूलिंग समान रूप से हो रही है या नहीं।

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Second Hand Car Buying Tips - फोटो : FREEPIK
सही कार चुनने के लिए सतर्क रहें
अगर आप इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर पुरानी कार खरीदते हैं, तो आप एक सुरक्षित और सही डील कर सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने से न सिर्फ आपको अच्छी कार मिलेगी, बल्कि आगे चलकर कोई बड़ी समस्या भी नहीं आएगी। 

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