फ्रांस की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Renault (रेनो) भारतीय बाजार के लिए एक मास-मार्केट इलेक्ट्रिक वाहन बनाने पर विचार कर रही है। इस बारे में जानकारी रखने वाले दो लोगों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को यह बताया है। रेनो एक ऐसे बाजार में ईवी पर हाथ आजमाना चाहती है, जो फिलहाल तो छोटे है लेकिन जिसके तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
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Renault Kwid E-Tech Electric Car
- फोटो : Renault (For Reference Only)
रेनो द्वारा किया गया अध्ययन इस बात पर रौशनी डालता है कि कैसे फ्रांसीसी वाहन निर्माता अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। जबकि यह अपने साथी निसान मोटर के साथ अनसुलझे वार्ताओं को ईवी यूनिट में निवेश करने के बारे में अभी सुलझा नहीं पाया है। लेकन वह अपने अन्य परिचालनों से अलग करने की योजना बना रहा है।
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यह भारत में ऑटो बाजार की बदलती धारणा की ओर भी इशारा करता है, जिसने 2022 में किसी भी प्रमुख बाजार की तुलना में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की। ईवी पिछले साल कार की बिक्री के 1 प्रतिशत से कम होने की राह पर थे, लेकिन सरकार ने साल 2030 तक 30 प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। और सब्सिडी की एक रेंज के साथ अंतरराष्ट्रीय वाहन निर्माताओं के लिए आपूर्तिकर्ताओं को आकर्षित करने में हाल ही में सफलता मिली है।
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यह समीक्षा संभावित मांग, कीमत निर्धारण और लोकल कंपोनेंट्स के साथ ईवी बनाने की क्षमता का आकलन करेगी, उन दो लोगों में से एक ने कहा। साथ ही बताया कि कोई भी लॉन्च 2024 तक होगा।
यह कदम रेनो द्वारा उस देश में बिक्री को फिर से शुरू करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है जहां कार निर्माता एक साल पहले की तुलना में 2022 में कम कारों की बिक्री के बावजूद लाभदायक बना हुआ है।
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रेनो इंडिया ने उत्पाद योजनाओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि सीईओ लुका डे मेओ द्वारा तय की गई रणनीति के हिस्से के रूप में कंपनी का "विश्व स्तर पर विद्युतीकरण पर मजबूत ध्यान" है और समूह के लिए "भारत प्रमुख बाजारों में से एक है"।
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S&P Global Mobility (एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी) के एक पूर्वानुमान के मुताबिक, जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत यात्री और अन्य हल्के वाहनों के लिए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने के लिए तैयार है। 2022 में उद्योग-व्यापी बिक्री अनुमानित 23 प्रतिशत बढ़कर 4.4 मिलियन (44 लाख) वाहन हो गई।