पुदुचेरी का परिवहन विभाग 2023 से 2028 तक हर साल 10 प्रतिशत मृत्यु दर को कम करने और 2028 तक 50 प्रतिशत की कमी हासिल करने के लक्ष्य के साथ केन्द्र-शासित प्रदेश के लिए एक व्यापक सड़क सुरक्षा नीति और कार्य योजना लेकर आया है। इससे केन्द्र-शासित प्रदेश को संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) एजेंडा 2030 को शून्य सड़क मृत्यु दर हासिल करने के लिए आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
हालिया अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति दिशानिर्देशों द्वारा अनुशंसित 6 E (ई) रणनीति के साथ संरेखित नीति का मकसद सड़क यातायात नियमों को सख्ती से लागू करना है।
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Road Accident
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शिक्षा (Education)
सरकार का इरादा जनता, खासकर स्कूल/कॉलेज के छात्रों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने का है। इस पहल के तहत दुर्घटना के बाद क्रिटिकल गोल्डन समय के दौरान जीवन बचाने में सहायता के लिए मीडिया, टीचर ट्रेनिंग और वॉलंटियर ट्रेनिंग के जरिए जागरूकता अभियान शामिल हैं।
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प्रवर्तन (Enforcement)
पुडुचेरी यातायात उल्लंघनों के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करेगा। यह उचित उपकरणों के साथ ज्यादा कानून प्रवर्तन अधिकारियों और यातायात वार्डन को नियुक्त करेगा।
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इंजीनियरिंग (Engineering) (सड़कें और बुनियादी ढांचा)
सभी चरणों में सड़क सुरक्षा ऑडिट आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख सड़कों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान की जाएगी और उनका समाधान किया जाएगा। और उचित सड़क बुनियादी ढांचे के मानकों को बनाए रखा जाएगा। उच्च दुर्घटना दर वाले जगहों की पहचान की जाएगी और चलते यातायात में टकराव को कम करने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाइटिंग सिस्टम, पैदल यात्री सुविधाओं और सड़क संकेतों को अपग्रेड किया जाएगा।
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इंजीनियरिंग (सुरक्षित वाहन)
सरकार वैधानिक पीरियॉडिक इंस्पेक्शन, वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने और सुरक्षा उपकरणों की स्थापना की निगरानी पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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आपातकालीन देखभाल (इमरजेंसी केयर)
पुडुचेरी दुर्घटना पीड़ितों के लिए रेपिड ट्रॉमा केयर और हेल्थ मैनेजमेंट प्रदान करने के लिए एक कुशल इमरजेंसी मेडिकल सर्विस सिस्टम बनाएगी। एम्बुलेंस जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होंगी, और एक इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर सिस्टम क्विक रिस्पॉन्स और इंश्योरेंस क्लेम की सुविधा प्रदान करेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं, रेस्क्यू सर्विस और एम्बुलेंस के मौजूदा बेड़े के बीच निर्बाध नेटवर्किंग के लिए एक सिंगल टोल-फ्री हेल्पलाइन सिस्टम स्थापित की गई थी।
अधिनियमन (Enactment) (संस्थागत तंत्र को मजबूत करना)
सरकार विभागों के बीच समन्वय और सड़क सुरक्षा फंड का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करेगी। जिला/क्षेत्रीय/हाई-लेवल सड़क सुरक्षा समितियां और राज्य सड़क सुरक्षा परिषद प्रगति की निगरानी करेंगी और सुनिश्चित करेंगी कि लक्ष्य पूरे हों। पुडुचेरी में सड़क सुरक्षा को और बढ़ाने के लिए नीति और कार्य योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। साथ ही हर तीन साल में लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।