हाल में हुए एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 85 प्रतिशत भारतीय यात्रियों का मानना है कि देश के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे में काफी समस्याएं हैं और यह अपर्याप्त है। यह सर्वेक्षण 21 से ज्यादा प्रमुख शहरों में आयोजित किया गया था, जिसमें 50,000 से ज्यादा दैनिक यात्रियों ने हिस्सा लिया। 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य की ओर ध्यान केंद्रित करने के साथ, भारतीय यात्रियों के लिए बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन को अपनाना और फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) से चलने वाले वाहनों से दूर रहते हुए पर्सनल व्हीकल (व्यक्तिगत परिवहन) से बचना महत्वपूर्ण है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में, दैनिक यात्रियों ने देश की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में प्रमुख समस्याएं बताई हैं, जिसकी वजह से वे यात्रा के एक ज्यादा समझदारी भरे तरीके को अपनाने से बचते हैं।
विज्ञापन
2 of 5
Delhi Traffic
- फोटो : PTI
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक पेटेंट सार्वजनिक परिवहन एप द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने में इन प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बहुत ज्यादा भीड़भाड़
37 प्रतिशत भारतीयों को भीड़भाड़ के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से वे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने से बचते हैं।
अविश्वसनीय टाइम-टेबल
28 प्रतिशत दैनिक यात्री सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे के समय के मामले में अविश्वसनीय होने की शिकायत करते हैं। जिसमें देरी और अनियमित शेड्यूल भी शामिल हैं।
विज्ञापन
3 of 5
Delhi Traffic
- फोटो : शुभम बंसल
खराब रखरखाव
दैनिक यात्रियों के लिए एक और बड़ा मुद्दा सार्वजनिक परिवहन और बुनियादी ढांचे का खराब रखरखाव है। 24 प्रतिशत ने इसे समस्या के एक अहम पहलू के रूप में पहचाना है।
डिजिटल सूचना तक पहुंच
लगभग 44 प्रतिशत यात्रियों ने दावा किया है कि परिवहन संबंधी जानकारी तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचना मुश्किल है और यह एक समस्या है।
4 of 5
Delhi Traffic
- फोटो : शुभम बंसल
और भी हैं समस्याएं
इस सभी पहलूओं की तरह, यात्रियों ने सार्वजनिक परिवहन की अन्य समस्याओं के बारे में भी बताया। 15 प्रतिशत ने कहा कि इन तक पहुंच सीमित है, 22 प्रतिशत ने जानकारी की कमी का हवाला दिया, 13 प्रतिशत ने टिकटिंग समस्याओं को एक बाधा के रूप में बताया, 33 प्रतिशत डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता के बारे में चिंतित थे, 49 प्रतिशत ने कैशलेस भुगतान विकल्पों की उपलब्धता पर चिंता जाहिर की और 28 प्रतिशत ने कहा कि ऑनलाइन तरीकों से भुगतान करने से डिजिटल सुरक्षा एक चिंता का विषय है।
कुल मिलाकर, सर्वेक्षण ने इशारा किया है कि इसमें शामिल होने वाले 78 प्रतिशत लोग प्रदूषण और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने में सार्वजनिक परिवहन की अहमियत को स्वीकार करते हैं। 58 प्रतिशत ने बुनियादी ढांचे के डिजिटल एकीकरण पर चिंता जताई और आखिर में, 61 प्रतिशत ने सार्वजनिक परिवहन और यात्रा विकल्पों को बढ़ाने में डेटा संग्रह और विश्लेषण के मूल्य को मान्यता दी।