देश में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के प्रयास में स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी सेल विकसित करने पर काम करने वाली तीन भारतीय कंपनियों में से एक Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) होगी।
देश में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के प्रयास में स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी सेल विकसित करने पर काम करने वाली तीन भारतीय कंपनियों में से एक Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) होगी। Reliance New Energy (रिलायंस न्यू एनर्जी) और Rajesh Exports (राजेश एक्सपोर्ट्स) के साथ ओला इलेक्ट्रिक ने केंद्र की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत 18,100 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ओला इलेक्ट्रिक, जो वर्तमान में इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाती है, ने भी जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार पेश करने का लक्ष्य रखा है। ईवी निर्माता पहले से ही एक नया प्लांट लगाने के लिए भागीदारों की तलाश में है जहां वह ईवी बैटरी विकसित करेगी और साथ ही इलेक्ट्रिक कार पर भी काम करेगी।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
- फोटो : For Reference Only
केंद्र की पीएलआई योजना के तहत जिन तीन कंपनियों के नाम पर मोहर लगाई गई है, उनसे 95 GWh की बैटरी निर्माण क्षमता बनाने की उम्मीद है। उन्हें दो साल की अवधि के भीतर मैन्युफेक्चरिंग प्लांट लगाना होगा। निर्मित ईवी बैटरी की बिक्री पर अगले पांच वर्षों के लिए कंपनियों को इंसेंटिव दिया जाएगा। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा, "यह ईवी इकोसिस्टम और एनर्जी स्टोरेज (ऊर्जा भंडारण) बाजार के लिए अनुकूल होगा क्योंकि यह ईवी और रिन्यूएबल की मांग का समर्थन करेगा और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगा।"
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Ola Electric's lithium-ion battery cell
- फोटो : Ola Electric
पीएलआई योजना के तहत 128 GWh क्षमता की मैन्युफेक्चरिंग फेसिलिटी लगाने के अवसर की होड़ में 10 कंपनी ने बोली लगाई थी। जिनमें से ओला इलेक्ट्रिक और अन्य दो कंपनियों को चुना गया।
ओला इलेक्ट्रिक ने इससे पहले एक स्वदेशी लिथियम-आयन बैटरी सेल को शोकेस किया था जिसका उत्पादन अगले साल से किया जाना है। ओला इलेक्ट्रिक का दावा है कि बैटरी एक हाई निकल सिलेंड्रिक्ल सेल के रूप में आती है और कैथोड की तरफ एनएमसी का इस्तेमाल करती है; और एनोड की तरफ ग्रेफाइट और सिलिकॉन।
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Ola Electric Scooter
- फोटो : Ola Electric
ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा था, "ओला दुनिया के सबसे एडवांस्ड सेल रिसर्च सेंटर का निर्माण कर रही है जो हमें तेजी से विस्तार और नवाचार करने और दुनिया में सबसे एडवांस्ड और किफायती ईवी उत्पादों को रफ्तार के साथ बनाने में सक्षम बनाएगी। हमारा पहला स्वदेशी रूप से मेड ली-आयन सेल भी हमारे सेल टेक्नोलॉजी रोडमैप में कई में से पहला है। वैश्विक ईवी हब बनने के लिए भारत में एक मजबूत स्थानीय ईवी इकोसिस्टम होना महत्वपूर्ण है।"
केंद्र ने पहले तीन श्रेणियों के तहत पीएलआई योजना शुरू की थी। पहले दो ऑटो सेक्टर के लिए 25,938 करोड़ रुपये और FAME पॉलिसी 10,000 करोड़ रुपये की है। तीसरा एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल के लिए है। साथ में, इस योजना से भारत को देश में ईवी इकोसिस्टम का विस्तार करने और ईवी निर्माण के लिए एक प्रमुख केंद्र बनने में मदद करने की उम्मीद है।