भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माता ओला इलेक्ट्रिक ने मार्च में खत्म हुए पिछले वित्तीय वर्ष में 335 मिलियन डॉलर के राजस्व पर 136 मिलियन डॉलर का परिचालन घाटा दर्ज किया, जिससे कंपनी सार्वजनिक रूप से घोषित राजस्व के लक्ष्य से चूक गई। तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी।
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Ola Electric Scooter
- फोटो : Ola Electric
सॉफ्टबैंक समर्थित ओला इलेक्ट्रिक की 2022/23 हानि संख्या, जो 700 मिलियन डॉलर तक के आईपीओ की तैयारी कर रही है, पहले भारतीय अधिकारियों के साथ रिपोर्ट या दायर नहीं की गई है, जो पिछले वर्ष की कमाई दर्ज करने के लिए सितंबर तक का समय देती है। ओला ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ई-स्कूटर निर्माता ने पिछले साल जून में एक बयान जारी कर कहा था कि वह "इस साल के आखिर तक 1 बिलियन डॉलर रन रेट को पार करने की राह पर है" और "भविष्य का पूर्वानुमान और भी मजबूत लग रहा है।"
रन रेट एक फाइनेंशियल इंडिकेटर (वित्तीय संकेतक) है जिसकी गणना ओला के एक महीने के राजस्व को 12 से गुणा करके की जाती है।
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लेकिन 2022/23 के लिए राजस्व अनुमान चूक गया। इसकी वित्तीय स्थिति की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने कहा कि ओला के संचालन के पहले पूर्ण वर्ष में 1,50,000 यूनिट से ज्यादा की बिक्री के साथ 335 मिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया गया, और 136 मिलियन डॉलर का परिचालन घाटा हुआ।
ओला ने वित्तीय वर्ष 2022/23 के आखिरी महीने मार्च में लगभग 21,400 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे।
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- फोटो : Twitter/@bhash
2021 के आखिर में बिक्री शुरू होने के बाद से, ओला 32 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत के ई-स्कूटर मार्केट की लीडर बन गई है, जो एथर एनर्जी के साथ-साथ टीवीएस मोटर और हीरो इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के साथ मुकाबला कर रही है। पिछले साल इसका मूल्य 5 बिलियन डॉलर था और 2019 के बाद से इसने निवेशकों से लगभग 800 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
ओला इलेक्ट्रिक ने इस साल की शुरुआत में आंतरिक रूप से आक्रामक अनुमान लगाया था। कंपनी का अनुमान था कि इसका राजस्व 2023-24 में चार गुना बढ़कर 1.5 बिलियन डॉलर हो जाएगा, ऐसा साल जब यह अपना पहला लाभ कमाने की भी योजना बना रहा है, जैसा कि रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते रिपोर्ट किया था।
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लेकिन यह इससे पहले की बात है जब भारत ने मई में ई-स्कूटर पर सरकारी इंसेंटिव को कम कर दिया था, जिसके बारे में विश्लेषकों का कहना है कि इससे ओला और अन्य को विकास योजनाओं को फिर से तैयार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
प्रोत्साहन में कटौती के बावजूद, कंपनी को भरोसा है कि वह इस साल परिचालन रूप से लाभदायक बन सकती है - संभावित आईपीओ निवेशकों द्वारा देखा जाने वाला एक प्रमुख मीट्रिक। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
उस व्यक्ति ने कहा, "ओला कुछ ही समय में मार्केट लीडर बन गई है... इसी बात को लेकर उनके मौजूदा निवेशक उत्साहित हैं।"
ओला का कहना है कि वह अपने ई-स्कूटर दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में "दुनिया की सबसे बड़ी 2 व्हीलर फैक्ट्री" में बनाती है। जिसकी क्षमता प्रति वर्ष 10 मिलियन यूनिट का उत्पादन करने की है। कंपनी अपने कारखाने और सेवा केंद्रों के विस्तार पर करोड़ों डॉलर खर्च कर रही है।