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Diesel Cars Ban: क्या भारत के प्रमुख शहरों में डीजल कारों पर लग जाएगा प्रतिबंध? सरकारी पैनल का प्रस्ताव

Mon, 08 May 2023 09:28 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi Traffic - फोटो : PTI
तेल मंत्रालय के एक पैनल ने प्रस्ताव दिया है कि भारत को 2027 तक देश भर के सभी प्रमुख शहरों में डीजल से चलने वाले चार-पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। यह प्रस्ताव देश में क्लीन मोबिलिटी सॉल्यूशंस को बढ़ावा देने के लिए आया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक पैनल ने उन शहरों में प्योर इलेक्ट्रिक और गैस-ईंधन वाले वाहनों पर स्विच करने के पक्ष में वकालत की है जहां 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। पैनल ने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए राष्ट्रव्यापी प्रदूषित शहरों में डीजल चार-पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव दिया है।
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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
भारत ग्रीनहाउस गैसों के प्रमुख उत्सर्जकों में से एक है, और वाहनों के उत्सर्जन का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। ग्रीनहाउस गैसों में कमी की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता के तहत, भारत सरकार कई उपाय कर रही है, और समग्र उत्सर्जन में एक अहम योगदानकर्ता के रूप में, ऑटोमोबाइल उद्योग भी पिछले कुछ वर्षों में कई विघटनकारी प्रवृत्तियों का सामना कर रहा है। भारत भर के प्रमुख शहरों और प्रदूषित शहरों में सभी डीजल चार-पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का लेटेस्ट प्रस्ताव उसी रणनीति का हिस्सा है।
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For Reference Only - फोटो : शुभम बंसल
इस समय भारत में रिफाइंड ईंधन खपत का लगभग पांच में से दो हिस्सा डीजल की खपत का है, जिसका 80 प्रतिशत परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। देश में कमर्शियल वाहनों का बेड़ा मुख्य रूप से डीजल पर चलता है, यात्री वाहनों का एक बड़ा हिस्सा भी इसी ईंधन का इस्तेमाल करता है।

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- फोटो : शुभम बंसल
पैनल ने कथित तौर पर कहा कि इस दशक के आखिर तक, किसी भी जीवाश्म-ईंधन से चलने वाली सिटी बसों को बेड़े में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। पैनल ने सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के पक्ष में वकालत की है। पैनल ने कथित तौर पर रिपोर्ट में कहा, "2030 तक, ऐसी सिटी बसों को नहीं शामिल किया जाना चाहिए जो इलेक्ट्रिक नहीं हैं... सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए डीजल बसों को 2024 के बाद से नहीं शामिल किया जाना चाहिए।" हालांकि, यह साफ नहीं है कि तेल और गैस मंत्रालय इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेगा या नहीं।
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Delhi Traffic - फोटो : अमर उजाला
पैनल ने कथित तौर पर यह भी कहा है कि सरकार को फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल्स स्कीम (FAME) के तहत दिए गए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन के लक्षित विस्तार पर 31 मार्च से आगे विचार करना चाहिए। पैनल का मानना है कि इस तरह के उपाय से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन को इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
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