Car Driving
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गाड़ी का माइलेज नापने का सबसे सटीक 'गोल्ड स्टैंडर्ड' तरीका क्या है?
एक आम वाहन चालक के लिए अपनी गाड़ी का असली माइलेज जांचने का सबसे भरोसेमंद और सटीक तरीका टैंक-टू-टैंक विधि है। इस विधि के लिए किसी खास या महंगी मशीन की जरूरत नहीं होती और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में भी इसे सबसे विश्वसनीय माना जाता है।
इस तरीके को अपनाने के आसान स्टेप्स नीचे दिए गए हैं:
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स्टेप 1 - ऑटो-कट होने तक फुल टैंक कराएं: किसी पेट्रोल स्टेशन पर जाएं और ऑटोमैटिक कट-ऑफ होने तक कार की टंकी पूरी भरवा लें। बेहतर होगा कि आप हमेशा एक ही पेट्रोल पंप और एक ही मशीन का इस्तेमाल करें।
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स्टेप 2 - ट्रिप मीटर जीरो करें: तेल भरवाने के तुरंत बाद अपनी कार के ट्रिप मीटर को रीसेट करके शून्य (जीरो) पर कर दें।
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स्टेप 3 - सामान्य रूप से गाड़ी चलाएं: इसके बाद अपनी कार को रोजमर्रा की तरह सामान्य रूप से तब तक चलाएं जब तक कि दोबारा पेट्रोल भरवाने का समय न आ जाए।
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स्टेप 4 - दोबारा ऑटो-कट होने तक तेल भरवाएं: अगली बार जब आप पेट्रोल पंप पर जाएं, तो फिर से उसी ऑटोमैटिक कट-ऑफ स्तर तक पेट्रोल भरवाएं।
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स्टेप 5 - दूरी और लीटर नोट करें: अब यह ध्यान से नोट करें कि इस बार गाड़ी में कितने लीटर ईंधन भरा गया और पिछली बार से अब तक गाड़ी ने कितने किलोमीटर की दूरी तय की है।
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स्टेप 6 - फॉर्मूले से करें गणना: तय किए गए कुल किलोमीटर को भरे गए पेट्रोल के कुल लीटर से विभाजित कर दें।
माइलेज निकालने का सूत्र
फ्यूल एफिशिएंसी = तय की गई दूरी ÷ भरा गया ईंधन
उदाहरण से समझें
अगर कार ने 496 किलोमीटर की दूरी तय की और अगली बार टैंक भरने में 41 लीटर पेट्रोल लगा, तो-
496 ÷ 41 = 12 किमी प्रति लीटर
यानी कार का वास्तविक माइलेज 12 किलोमीटर प्रति लीटर होगा।
अधिक सटीक औसत निकालने के लिए यही प्रक्रिया तीन या चार बार टैंक भरने तक दोहराने की सलाह दी जाती है। इससे ईंधन स्तर या ड्राइविंग परिस्थितियों के कारण होने वाली छोटी-मोटी त्रुटियों का असर कम हो जाता है।