National Highway
- फोटो : X@nitin_gadkari
3 महीने में पोर्टल और निगरानी टीमों की रिपोर्ट मांगी गई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अलग शिकायत निवारण पोर्टल भी बनाया जाए, जहां लोग हाइवे पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें दर्ज कर सकें। इसके साथ ही, राज्य पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी टीमें गठित की जाएं, जो नियमित पेट्रोलिंग करें। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इन तमाम निर्देशों पर तीन महीने के अंदर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
हाईवे निरीक्षण के लिए बनेगा एक तय प्रोटोकॉल
कोर्ट ने एनएचएआई से कहा कि हाइवे निरीक्षण के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाए, जिसमें यह तय हो कि टीम कैसे बनाई जाए, डेटा कैसे इकट्ठा किया जाए और किन-किन बातों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
यह भी पढ़ें - US Tariffs: वोल्वो के सीईओ की चेतावनी- टैरिफ बढ़ने से गाड़ियों की बढ़ेगी कीमत, खरीदारों पर पड़ेगा असर