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NHAI: एनएचएआई राजमार्गों पर अनाधिकृत कब्जे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, जानें क्यों

Sat, 24 May 2025 09:34 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) को साफ निर्देश दिए हैं कि हाइवे की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को रोकने के लिए तुरंत और असरदार कदम उठाए जाएं।
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National Highway - फोटो : X/@nitin_gadkari
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) को साफ निर्देश दिए हैं कि हाइवे की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों को रोकने के लिए तुरंत और असरदार कदम उठाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि इस काम को अंजाम देने के लिए पुलिस की निगरानी टीमें बनाई जाएं, जो नियमित रूप से हाइवे पर गश्त करें।

'राजमार्ग यात्रा' एप को पब्लिसिटी दो'
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि वो 'राजमार्ग यात्रा' मोबाइल एप को लेकर अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर भरपूर प्रचार-प्रसार करे। यह एप हाईवे यूजर्स को जरूरी जानकारी देने और उनकी शिकायतों के समाधान में मदद करने के लिए बनाया गया है।

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National Highway - फोटो : PTI
टोल प्लाजा और फूड प्लाजा पर एप की देनी होगी जानकारी
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह भी कहा कि हर टोल प्लाजा और फूड प्लाजा पर इस मोबाइल एप की जानकारी साफ और बड़े अक्षरों में दिखाई जानी चाहिए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।

शिकायतों का रिकॉर्ड और कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी
कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (हाईवे) को निर्देश दिया है कि वे 'राजमार्ग यात्रा' एप पर आई शिकायतों के अलग-अलग कैटेगरी के डिटेल्स पेश करें। खासकर वो शिकायतें जो अवैध कब्जों से जुड़ी हैं। साथ ही, इस पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी कोर्ट में पेश करनी होगी।

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National Highway - फोटो : X@nitin_gadkari
3 महीने में पोर्टल और निगरानी टीमों की रिपोर्ट मांगी गई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अलग शिकायत निवारण पोर्टल भी बनाया जाए, जहां लोग हाइवे पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें दर्ज कर सकें। इसके साथ ही, राज्य पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी टीमें गठित की जाएं, जो नियमित पेट्रोलिंग करें। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इन तमाम निर्देशों पर तीन महीने के अंदर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।

हाईवे निरीक्षण के लिए बनेगा एक तय प्रोटोकॉल
कोर्ट ने एनएचएआई से कहा कि हाइवे निरीक्षण के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जाए, जिसमें यह तय हो कि टीम कैसे बनाई जाए, डेटा कैसे इकट्ठा किया जाए और किन-किन बातों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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National Highway - फोटो : X@nitin_gadkari
सुनवाई की अगली तारीख 15 सितंबर तय
कोर्ट इस मामले में 15 सितंबर को फिर से सुनवाई करेगा, जिसमें सभी संबंधित पक्षों से अब तक की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि अमाइकस क्यूरी (कोर्ट के सलाहकार) द्वारा 5 अक्तूबर 2024 को दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करके जरूरी कदम उठाए जाएं।

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National Highway - फोटो : अमर उजाला
पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन से शुरू हुआ मामला
यह पूरा मामला ग्यान प्रकाश नाम के व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) से शुरू हुआ था। जिसमें उन्होंने नेशनल हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण और 2002 के नेशनल हाईवे (लैंड एंड ट्रैफिक कंट्रोल) एक्ट को लागू करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने वकील स्वाति घिल्डियाल को अमाइकस क्यूरी नियुक्त किया है ताकि वह कोर्ट की सहायता कर सकें। 

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