अब आप वाहन बीमा दरों की उच्च दरों को भूल जाइए। बीमा नियामक IRDAI ने बुधवार को नए नियमों की घोषणा के साथ यह सुनिश्चित कर दिया है कि वाहन मालिक अब यह तय कर सकते हैं कि वाहन बीमा के लिए कितना भुगतान करना है।
अब आप वाहन बीमा दरों की उच्च दरों को भूल जाइए। बीमा नियामक IRDAI ने बुधवार को नए नियमों की घोषणा के साथ यह सुनिश्चित कर दिया है कि वाहन मालिक अब यह तय कर सकते हैं कि वाहन बीमा के लिए कितना भुगतान करना है। नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। बीमा नियामक ने अब सामान्य बीमाकर्ताओं को ऐड-ऑन जारी करने की अनुमति दी है, जिससे व्यक्ति को ड्राइविंग की आदतों का फायदा मिल सकेगा। इसमें पे ऐज यू ड्राइव और पे हाउ यू ड्राइव जैसी फीचर्स शामिल हैं। टेलीमैटिक्स-आधारित मोटर बीमा योजना वाहन के इस्तेमाल या ड्राइविंग की आदत के आधार पर प्रीमियम राशि में बदलाव करेगी।
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IRDAI ने यह बड़ी घोषणा भी की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा वाहन हैं, तो वह टेलीमैटिक्स-आधारित मोटर बीमा योजनाओं का इस्तेमाल करके नए नियमों के जरिए सिर्फएक बीमा प्रीमियम के साथ कवरेज हासिल कर सकता है। बीमा की राशि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कोई कितने वाहन चलाता है।
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IRDAI ने एक बयान में कहा, "मोटर बीमा की अवधारणा लगातार विकसित हो रही है। टेक्नोलॉजी के आने से बीमा बिरादरी के लिए दिलचस्प लेकिन चुनौतीपूर्ण मांगों को पूरा करने के लिए एक निरंतर गति पैदा की है। सामान्य बीमा क्षेत्र को पॉलिसीधारकों की बदलती जरूरतों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है।
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IRDAI ने सामान्य बीमा कंपनियों को नए बीमा उत्पादों को मंजूरी दी है। नए मोटर बीमा नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति नियमित रूप से चलने वाले वाहन की दूरी के आधार पर बीमा पर प्रीमियम राशि तय कर सकता है। यदि वाहन का इस्तेमाल कम होता है तो कोई उपयोग-आधारित कवर को चुन सकता है और इसके बेनिफिट्स हासिल कर सकता है। प्रीमियम दर तय करने के लिए एक महीने में वाहन द्वारा चलाई जाने वाली अधिकतम दूरी भी तय की जा सकती है।
बीमा नियामक IRDAI के अनुसार, खराब या जल्दबाजी में ड्राइविंग करने पर ज्यादा प्रीमियम लगेगा। इसमें कहा गया है कि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम या जीपीएस के जरिए किसी वाहन के ड्राइविंग पैटर्न की निगरानी की जाएगी। मोबाइल एप या वाहन में एक छोटा सा उपकरण लगाया जाएगा, जो इस जानकारी को साझा करेगा। इसके अलावा जीपीएस की मदद से बीमा कंपनी किसी खास वाहन के ड्राइविंग पैटर्न को भी जान सकेगी। टेक्नोलॉजी की मदद से हर वाहन को एक ड्राइविंग स्कोर मिलेगा, जिसके आधार पर यह तय होगा कि वाहन मालिक कितने प्रीमियम का भुगतान करेगा।