ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नवरात्र के दौरान दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री विभिन्न क्षेत्रों में जरिए उच्च एकल अंकों में बढ़ी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री धीमी रही।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नवरात्र के दौरान दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री विभिन्न क्षेत्रों में जरिए उच्च एकल अंकों में बढ़ी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री धीमी रही। एक ब्रोकरेज फर्म ने यह रिपोर्ट जारी की है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अक्तूबर के आखिरी सप्ताह के दौरान, यात्री वाहन ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) विशेष रूप से मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स के लिए पूछताछ और बुकिंग में मामूली सुधार देखा जा रहा है।
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Tractor
- फोटो : Freepik
ब्रोकरेज फर्म ने कहा, "हमने अक्तूबर में मांग के विभिन्न रुझान देखे, दोपहिया और ट्रैक्टरों में सकारात्मक गति देखी गई, और यात्री और वाणिज्यिक वाहनों में मध्यम मांग देखी गई। बेहतर मानसून ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक भावना को बढ़ावा देने में मदद कर रहा है। हालांकि इस मांग की स्थिरता अभी भी देखी जानी बाकी है।"
कुल मिलाकर, दोपहिया वाहनों का प्रदर्शन बेहतर रहा, और त्योहारी वृद्धि दर 4-5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। जो उच्च आधार के कारण आंशिक रूप से बाधित है।
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Mahindra Jayo LCV Truck
- फोटो : Mahindra
साथ ही, पिछले वर्ष की तुलना में त्योहारी सीजन में यात्री वाहनों की बिक्री में गिरावट देखी जा सकती है। साथ ही, दोपहिया और यात्री वाहनों दोनों के लिए इन्वेंट्री का लेवल इस समय ऊंचा है। जिससे दिवाली की बिक्री इन्वेंट्री क्लीयरेंस का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि बन जाती है।
ट्रैक्टर की बिक्री में सुधार हो रहा है और चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इसके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वाणिज्यिक वाहनों में, कुछ उद्योगों में मांग के कारण क्रमिक रूप से भावना में सुधार हुआ है, हालांकि पूर्ण सुधार अभी दूर की बात है, ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।
कुल मिलाकर, ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि उसे दोपहिया वाहनों और ट्रैक्टरों के लिए क्रमश: 12 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की डिस्पैच ग्रोथ की उम्मीद है। जबकि तिपहिया वाहनों के लिए 5 प्रतिशत की डिस्पैच ग्रोथ की उम्मीद है।
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Automobile Industry
- फोटो : PTI
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, यात्री वाहनों की बिक्री में स्थिर बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। जबकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में साल-दर-साल 4 प्रतिशत की गिरावट देखी जा सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नवरात्र के दौरान खुदरा बिक्री में मध्यम से लेकर उच्च एकल अंकों तक की बढ़ोतरी हुई है। नवरात्र के दौरान ग्रामीण बिक्री में कमी आई है, लेकिन दिवाली के दौरान इसमें सुधार की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू महीने के आखिरी सप्ताह में पीवी ओईएम, खासकर मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स के लिए पूछताछ और बुकिंग में मामूली सुधार देखा जा रहा है।
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Automobile Industry
- फोटो : PTI
ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, त्योहार के दौरान भी वाणिज्यिक वाहनों की मांग में कमजोरी बनी रही। और साल-दर-साल आधार पर इसमें करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है।
हालांकि, स्थिति अभी भी पिछले महीने की तुलना में बेहतर नजर आ रही है। क्योंकि इस महीने के दौरान ज्यादातर क्षेत्रों में बेड़े (फ्लीट) के इस्तेमाल के स्तर में सुधार देखा गया।
ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसने ट्रैक्टर की मांग में सुधार देखा है। और मानसून में देरी के बावजूद इसकी मात्रा में साल-दर-साल 2-4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उसने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में मानसून के असर के कारण कटाई में लगभग दो सप्ताह की देरी हुई है।
हालांकि, दक्षिणी क्षेत्रों के डीलरों ने अक्तूबर में मांग में उत्साहजनक सुधार की सूचना दी है। दूसरी ओर, उत्तरी क्षेत्रों में मांग में अभी तेजी आनी बाकी है और अगले महीने इसके बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा
इसके अलावा, सरकार द्वारा अगले वित्त वर्ष के लिए गेहूं, जौ और चना जैसी प्रमुख फसलों के एमएसपी में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी से ट्रैक्टर और ग्रामीण बाजारों में सकारात्मक धारणा को समर्थन मिलेगा।